Azithormycin Tablet Uses In Hindi

एजिथ्रोमायसीन क्या है एवं उसके फ़ायदे और नुकसान (What Is Azithromycin & Its Benefits & Side Effects)

एजिथ्रोमायसीन क्या है ? (What Is Azithromycin 500 mg)

एजिथ्रोमायसीन हर घर में जाना पहचाना नाम है। लगभग हर दूसरे घर में यह दवाई आराम से उपलब्ध हो जाएगी क्योंकि यह एक एंटीबायोटिक दवाई है जो कि बैक्टीरियल इंफेक्शन से लड़ने में सहायता प्रदान करती है।
ये जेनेरिक और ब्रैंड नेम दोनों से ही बाजार में आसानी से उपलब्ध है| एजिथ्रोमायसीन का उपयोग विभिन्न संक्रमण, स्किन संबंधी समस्याएं, टॉन्सिल की समस्या, मुहांसों से निपटने के लिए किया जाता है|

एजिथ्रोमायसीन का प्रयोग (Azithromycin Dosage In Hindi)

सामान्यतया वयस्कों को 3 दिन की खुराक दी जाती है जिसमें 500 मिलीग्राम प्रति दिन दवाई निर्धारित की जाती है |बच्चों के लिए इस की मात्रा काफी कम होती है जो लगभग 5 मिलीग्राम से 20 मिलीग्राम तक प्रतिदिन रहती है। बच्चों के वजन के आधार पर यह दवाई 3 से 5 दिन तक दी जा सकती है।

जब भी डॉक्टर द्वारा ये दवा दी जाती है तो कुछ बातों का विशेष ख्याल रखा जाता है जैसे कि रोगी की आयु क्या है, उसकी शरीर का वजन क्या है, और उसकी समस्या क्या है रोग की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए एजिथ्रोमायसिन की खुराक निर्धारित की जाती है, साथ में यह भी ध्यान रखा जाता है कि रोगी को इस से एलर्जी ना हो।

एजिथ्रोमायसीन कैसे ले? (Azithormycin Tablet Uses In Hindi)

इस दवा को हम गोलियों और सस्पेंशन दोनों रूप में ले सकते है। अगर इसका अच्छा परिणाम चाहिए तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार गोलियां समय से ले। इसे भोजन के साथ और भोजन के बाद भी लिया जा सकता है अगर इसे लिक्विड फॉर्म में लिया जा रहा है तो दवाई को पहले अच्छे से मिला लें और निर्धारित मात्रा वाले चम्मच का प्रयोग करें |

जब तक बीमारी के लक्षण ख़त्म ना हो जाए तब तक डॉक्टर के निर्देशानुसार इसका प्रयोग नियमित करें इससे संबंधित कोई भी तकलीफ हो या आपके दिमाग में कोई प्रश्न हो तो डॉक्टर से अवश्य सलाह ले अपनी मर्जी से इस की खुराक कम या ज्यादा ना करें। ये इंजेक्शन के रूप में भी उपलब्ध है। इस दवाई का प्रयोग करने से पहले यदि कोई पारिवारिक बीमारी का इतिहास रहा है तो इसकी जानकारी डॉक्टर को अवश्य दें।

एजिथ्रोमायसीन के फायदे  (Benefits Of Azithromycin In Hindi)

1. ये दवा विभिन्न प्रकार की बीमारियों से लड़ने में सहायता करती है।
2. ये रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मार गिराता है।
3. विभिन्न प्रकार के संक्रमण का इलाज करने के लिए इस दवाई का सहारा लिया जाता है।
4. ये बैक्टीरिया के आवश्यक प्रोटीन के संश्लेषण में हस्तक्षेप करके जीवाणु के विकास को पूरी तरह से खत्म कर देता है।
5. न्यूमोनिया, यूरेथ्राइटिस, ब्रोंकाइटिस, कान के संक्रमण,श्वसन तंत्र के संक्रमण, त्वचा का संक्रमण, नाक का संक्रमण, गले का संक्रमण, मूत्र पथ का संक्रमण, पेट का अल्सर इत्यादि बीमारियों में एजिथ्रोमायसिन का इस्तेमाल किया जाता है|

एजिथ्रोमायसीन के नुकसान और साइड इफेक्ट्स (Side Effects Of Azithromycin In Hindi)

वैसे तो यह टेबलेट बैक्टीरिया संक्रमण से लड़ने के लिए ली जाती है परंतु इसके कई साइड इफैक्ट्स भी है जो यह है
1. इस टेबलेट को लेने के बाद में उल्टी, जी का घबराना या बुखार जैसी शिकायतें भी हो सकती है।
2. कई लोगों को इस टेबलेट को लेने के बाद सर दर्द या पेट दर्द जैसी शिकायत भी हो जाती है|
3. स्किन एलर्जी भी हो सकती है कई बार चमड़ी पर लाल लाल दाने भी उभर आते हैं|
4. इस दवाई को लेने के बाद में कई लोगों को कब्ज की भी शिकायत होती है तो कई लोगों को दस्त की भी समस्या हो जाती है|
5. अधिक मात्रा में इसके सेवन से गुर्दे की समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है और किडनी को नुकसान भी पहुंच सकता है कई मामलों में यह टेबलेट हार्ट पर भी साइड इफेक्ट दिखा सकती है लेकिन यह प्रभाव बहुत ही कम होगा।
6. यदि आप लीवर रोग से ग्रसित है तो इसका सेवन डॉक्टर की निगरानी में करें इसके साथी कुछ बीमारियां हैं जहां पर इस दवा का सेवन करते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए जैसे की पीलिया, आंतों में सूजन, दिल से संबंधित बीमारियों के मरीज कैल्शियम की कमी होने पर या पोटेशियम की कमी होने पर डॉक्टर की सलाह से ही इस टेबलेट का सेवन करें।
7. अगर आप पहले से ही कोई दवाई ले रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही इस दवाई का प्रयोग करें।

एजिथ्रोमायसिन के लाभ एवं हानि या दोनों ही है तो इसीलिए आवश्यक है कि आप अपने डॉक्टर के निर्देशानुसार इसका प्रयोग करें अपने आप इसे ना ले।

FDA Compliance

इन बयानों का मूल्यांकन खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है। स्थिति गंभीर होने पर कृपया चिकित्सक से परामर्श लें।

Leave a Reply