Kumkumadi Thailam benefits in hindi

कुंकुमादी तेल को केसर के तेल के नाम से भी जाना जाता है। इसके इस्तेमाल से चेहरा सुंदर और कांतिवान होता है। इस तेल को तैयार करने के लिए नागकेसर, कुमकुमा, हल्दी, कमला, लाक्षा, योगरत्नाकर, चन्दन, मंजिष्ठा, मधु, तेजपता, पलाशा कुसुम, दरहरिद्रा, सुरभि, पायस, वच, जाटी, उशिरा, क्षुद्ररोगाधिकार, पतंगा, कलियक, वातामकुरा, कुष्ठ, गोरोचन, पद्मका, इन सभी को मिला कर बनाया जाता है। इस तेल का इस्तेमाल सूखी त्वचा (Dry Skin) वालों के लिए बहुत ही अच्छा है।

इस तेल का इस्तेमाल नियमित रूप से करने से त्वचा के दाग धब्बे दूर हो जाते है और त्वचा को प्राकृतिक रंग मिलता है। मुहासे के निशान को दूर करने के लिए यह रामबाण है। कुंकुमादी तेल सूरज के किरणों से होने वाली स्किन प्रोब्लेम (Sunburn), हार्मोन्स की प्रोब्लेम, खाने की खराब आदते, (Bad Habits Of Food), चेहरे पर उम्र का दिखना (Age Factor),इन सब के कारण त्वचा को होनेवाले नुकसान से बचाता है। इसके इस्तेमाल से त्वचा की सूजन भी कम होती है।

Benefits Of Kumkumadi Tailam in Hindi

१) यह त्वचा की समस्याओ से छुटकारा दिलाने के साथ साथ आंखो के नीचे होने वाले काले घेरो को भी साफ करता है।
२) कुंकुमादितेल मे केसर और चन्दन होता है,जिससे त्वचा मे होने वाली टेनिंग कम होती है और त्वचा को पोषण मिलता है।
३) यह चेहरे की मांसपेशियो को नरम करती है और त्वचा की बनावट को बनाए रखती है,जिससे हमारी त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनती है।
४) यह एंटि एजिंग का काम करता है,और त्वचा को जवां बनाए रखता है।
५) इस तेल मे एंटिबायोटिक, एंटिऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ़्लमेटरी के गुण होते है,जिसके कारण यह त्वचा मे होने वाली सूजन को कम करता है और मुंहासों को रोकने और उसका इलाज करने मे मदद करता है।इसके नियमित इस्तेमाल से मुँहासे की लाली भी कम होती है।
६) इस तेल के इस्तेमाल से त्वचा की मृत कोशिका निकल जाती है और त्वचा साफ और चमकदार लगने लगती है।
७) कुंकुमादी तेल त्वचा को चमकीला बनाने के साथ साथ पिग्मेंटेशन को भी दूर करता है।
८) यह पूरी तरह से हर्बल ब्युटि तेल है,और मेडिकेटेड है।इसके इस्तेमाल से त्वचा का रूखापन दूर होता है,चेहरे की रंगत बढ्ने के साथ साथ झुर्रीया भी कम होती है।
९) यह तेल केवल बाहरी उपयोग के लिए है।
१०) इसका इस्तेमाल नाक के लिए है,५-७ बूंदे नाक मे डाल सकते है।इसे नाक मे लेने से पित्त और वात दोष ठीक होते है।
११) कुंकुमादी तेल के अच्छे परिणाम के लिए पहले चेहरे की क्लीनिंग करे,फिर टोनर से साफ करे इसके बाद जब चेहरा सुख जाए तब तेल की कुछ बूंदे हाथ पर लेंगे और उपर की तरफ गोल घूमाते हुए चेहरे पर लगाएंगे। इस तेल को नियमित रूप से दिन मे एक से दो बार कुछ महीनो तक लगाए।इसे तुरंत नहीं धोये कम से कम तीन घंटे जरूर लगे रहने दे।
१२) ड्राइ स्किन वाले रात को चेहरे पर यह तेल लगा कर सोये और सुबह चेहरा धो ले।
१३) इस तेल मे केसर होता है इसलिए यह नैचुरल सनस्क्रीन के रूप मे भी काम करता है,केसर युक्त तेल सनस्क्रीन की तुलना मे यूवी किरणों को अवशोषित करने और त्वचा की रक्षा करने मे ज्यादा मदद करता है।
१४) इसके इस्तेमाल से मेलास्मा,जन्म के समय से रहने वाले तिल,मस्से, गाल पर होने वाले भूरे रंग के दाग ठीक हो जाते है।
१५) इस तेल के मालिश से ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा रहता है।

यह तेल आयुर्वेद की बहुत बड़ी उपलब्धि है,आज के समय मे हर कोई सुंदर दिखना चाहता है,सुंदरता की तरफ लोगो का ध्यान आकर्षित होता ही होता है। हर दिन हमारी त्वचा को हर तरह के मौसम से जूझना पड़ता है,कभी धूप तो कभी बारिश,धुवा,धूल जिससे हमारी त्वचा पर दाग धब्बे की समस्या हो जाती है और इसके लिए हम केमिकल युक्त महंगे सोन्दर्य प्रसाधन को उपयोग मे लाते है, जिससे हमारी त्वचा को नुकसान भी हो सकता है,और हर तरह की समस्या के लिए अलग अलग तरह की क्रीम को उपयोग मे लाना होता है,लेकिन हमे आयुर्वेद की इस उपलब्धि कुंकुमादी तेल को नहीं भूलना चाहिए जो हमारी सभी प्रकार की त्वचा संबंधी समस्या की एक दवा है।

कुंकुमदितेलम के नुकसान (Side effects of Kumkumadi Tailam in Hindi)

तेल का उपयोग करने से पहले इसकी एलर्जी की जांच के लिए इसे हाथ पर लगा कर देख लेना चाहिए,अगर स्किन मे जलन या लाल चकते हो तो इसे यूज नहीं करना चाहिए लेकिन ऐसा कुछ न हो तो यह तेल आप इस्तेमाल कर सकते है। ओयली त्वचा वाले इसे कम मात्रा मे लगाए। आपने सुना ही होगा की सौ रोगो की एक दवा तो बस इस तेल के लिए भी ऐसा कहा जा सकता है,यह सभी तरह की त्वचा की समस्या का एक उपाय है। इस तेल के इस्तेमाल से सुंदरता और आत्मविश्वास दोनों ही बढ़ते है।

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