Chandraprabha Vati

चंद्रप्रभा वटी एक बहुत ही अच्छी दवा है जो बहुत प्रकार के रोगो के इलाज मे काम आती है। यह बहुत ही प्रभावी और प्रसिद्ध दवा है। चन्द्रप्रभा वटी अर्थात चंद्र का मतलब चंद्रमा,प्रभा का मतलब चमक,जिस दवा को लेने से शरीर मे चमक आए,बल ताकत और शक्ति बढ़े। लोगो का ऐसा कहना है की चंद्रप्रभा वटी अंधेरे मे चाँद की तरह रोशनी का काम करती है। चंद्रप्रभा वटी गर्भाशय के रोग,  गठिया, पीलिया, मधुमेह, मूत्रविकार, बवासीर, कमरदर्द, मे फायदेमंद है।

यह गुर्दे को मजबूत बनाता है,इसके सेवन से शरीर के तीनों दोष वात, पित्त, कफ, के बीच संतुलन बना रहता है।

चंद्रप्रभा वटी के उपयोग और फायदे (Uses And Benefits Of Chandrprabha Wati in hindi)

१) चंद्रप्रभा वटी के नियमित सेवन से शारीरिक शक्ति मे वृद्धि होती है,यह थकान को कम करती है,और शरीर को ताजगी प्रदान करती है। इसे सम्पूर्ण स्वस्थ टॉनिक के रूप मे प्रयोग किया जाता है।

२) इसके सेवन से मानसिक थकान और तनाव कम होता है।यह बच्चो की स्मरण शक्ति को बढ़ाने मे मदद करता है।

३) यह गठिया और बढ़े हुए यूरिक एसिड की बहुत ही अच्छी दवा है। चन्द्रप्रभा वटी शरीर से यूरिया और यूरिक एसिड जैसे हानिकारक पदार्थो को बाहर निकालने मे मदद करती है। यह बढ़े हुए यूरिक एसिड को कम करती है। यह गुर्दे के प्रकृतिक कार्यो को सुधारती है,गुर्दे के माध्यम से यूरिक एसिड  के स्तर को कम करती है। अधिकांशतः इसका उपयोग गूगुल, गिलोय और पुनर्नवा चूर्ण,के साथ यूरिक एसिड के लेवल मे सुधार के लिए किया जाता है।

४) चंद्रप्रभा वटी घुटनो के दर्द,जोड़ो के दर्द और सूजन को कम करती है,इसमे दर्द को कम करने के गुण होते है।

५) यह महिलाओ के हार्मोन को संतुलित करती है,मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द,ऐठन और पेडू के दर्द को भी कम करती है,बाज़ार मे उपलब्ध दर्द निवारक दवा का बहुत ही साइड इफैक्ट होता है लेकिन इसको बनाने मे अदरक, कालीमिर्च, पीपल, लोहभस्म, जैसी सामाग्री होने के कारण यह मासिक संबंधी समस्याओ को ठीक करती है।

६) कभी कभी महिलाओ को अत्यधिक रक्त्स्त्राव की समस्या हो जाती है,जिसके बहुत से कारण होते है,लेकिन सामान्य कारण गर्भाशय के आकार के बढ्ने और रसौली है। चंद्रप्रभा वटी को कचनार गूगल के साथ लेने से इसके आकार मे कमी आती है।

७) चंद्रप्रभा वटी एक महान गर्भाशय टॉनिक है,अगर किसी महिला को बार बार गर्भपात हो तो इसका कारण कमजोर गर्भपात होता है,तो इसके लिए चन्द्रप्रभा वटी को अश्वगंधा चूर्ण के साथ लेने से गर्भाशय को ताकत मिलती है।

८) चंद्रप्रभा वटी मूत्र संबंधी परेशानी को कम करने मे बहुत अच्छा काम करती है,यह बढ़े हुए प्रोस्टेट ग्रंथि के आकार को भी कम करने मे सहायक है। यह बार बार पेशाब होने की समस्या को भी कम करता है। यह इस समस्या के मूल कारण को ठीक करती है।

९) चंद्रप्रभा वटी पुरुषो की प्रजनन अंगो संबंधी समस्याओ के लिए बहुत ही अच्छी औषधि है। इसके सेवन से शुक्राणु की कमी ठीक होती है,और शारीरिक कमजोरी ठीक होती है। चंद्रप्रभा वटी को अश्वगंधा चूर्ण और कौच पाक के साथ लेना चाहिए।

१०) चंद्रप्रभा वटी गलाइकोसुरिया (पेशाब मे चीनी के होने) के लिए बहुत ही अच्छी औषधि है। यह शरीर मे उपस्थित ग्लूकोज के लेवल को कम करती है। इसके लिए हमे चंद्रप्रभा वटी १ ग्राम,आमला  चूर्ण १ ग्राम, हल्दी १ ग्राम, नीम की छाल १ ग्राम, चिरायता ५०० मिलीग्राम, इनको मिलाकर पाउडर बना ले और नियमित इस्तेमाल से पेशाब मे चीनी की मात्र को नियंत्रित रखता है।

११) चंद्रप्रभा वटी मे ऐसे गुण है जिसके कारण यह गुर्दे की पथरी को बनने नहीं देता।

१२) मूत्राशय की सूजन या संक्रमण या फिर किसी तरह की दवा के प्रयोग या फिर जलन होना इन सभी मे चंद्रप्रभा वटी को चंदनासव के साथ लेने से बहुत लाभ होता है।

चंद्रप्रभावटी की सेवन विधि (Dosages of Chandra Prabha in hindi)

चंद्रप्रभा वटी की खुराक एक दिन मे दो बार या तीन बार १ हज़ार या २ हज़ार मिलीग्राम ले सकते है,इससे कम मात्रा मे लेने से यह अपना असर नहीं दिखाती है।

ऐसे तो इसके कोई साइड इफैक्ट नहीं है लेकिन इसमे लोहे की मात्रा होने के कारण इसे पेट के अल्सर, थैलेसीमिया,मे नहीं लेना चाहिए। इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है,चन्द्रप्रभा वटी अपंग बच्चो के लिए बहुत उपयोगी है। यह पुरुष और महिलाओ दोनों के प्रजनन अंगों के संक्रामण के इलाज के लिए फायदेमंद है। यह सेल्यूलाइट को घटाने मे मदद करता है। इस दवा के सेवन से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकलते है। यह वीर्य विकारो की प्रसिद्ध औषिधी है।

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