Himalaya ashwagandha

हिमालया अश्वगंधा (Himalaya Ashwagandha) पूरी तरह से हर्बल है। अश्वगंधा एक तरह की जडी बूटी है, आयुर्वेद मे इसका बहुत नाम है। अश्वगंधा मे ऐसे तत्व है जिससे शरीर मे ओज,स्फूर्ति और ताकत मिलती है। अश्वगंधा योवन प्रदान करने वाली बहुत ही प्रसिद्ध जड़ी बूटी है,अक्सर इसे भारतीय जिनसेंग कहा जाता है। अश्वगंधा के पौधे की जड़ से इस केप्सूल को तैयार किया जाता है, संस्कृत मे अश्वगंधा का मतलब होता है एक घोड़े के तरह महक।

इसकी ताज़ा जड़ की गंध एक पसीने से भीगे हुए घोड़े के जैसे होती है। हिमालया अश्वगंधा टेबलेट मे २५० ग्राम अश्वगंधा है, हिमालया अश्वगंधा सिर्फ अश्वगंधा से ही बनाया जाता है। दवा के रूप मे अश्वगंधा के पेड़ की जड़ को सूखा कर,कूट कर,पीस कर, कपड़छान करके चूर्ण बना कर दवा के रूप मे प्रयोग किया जाता है। इस दवा के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बदती है,यह बेहोशी,नींद नहीं आने की परेशानी और मानसिक तकलीफ़ों की अच्छी दवा है। यह बच्चो मे कमजोरी को कम करने के लिए और पुरुष,महिलाओ मे प्रजनन कार्य को बढाने के कम मे आती है।

अश्वगंधा की जड़ मे बहुत तरह के एल्कलाइड होते है,जैसे विथानिन, सोमनाइन, विथनानाइन,इत्यादि। इसकी जड़ मे अमीनो एसिड भी पाया जाता है जैसे की प्रोलाइन,एस्पार्टिक अम्ल, ट्रीप्टोफन, ग्लूटामिक एसिड और सिस्टीन ये सभी अमीनो एसिड मे पाये जाते है। विथानिन मे नींद दिलाने के गुण होते है, विथफेरिन एक तरह का एंटीट्यूमर,एंटीओर्थोंरिटिक और एंटीबेक्टेरियल है। अश्वगंधा की तासीर गरम होती है।

अश्वगंधा का सेवन एक निश्चित मात्र मे करना चाहिए,क्योकि इसके ज्यादा सेवन से शरीर मे पित्त की मात्रा बढ़ जाती है।

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हिमालय अश्वगंधा के लाभ – (Benefits Of Himalaya Ashwagandha In Hindi)

१) यह गठिया तथा मधुमेह के रोगियों के लिए उपयोगी है।

२) यह उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सामान्य बनाए रखता है।

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३) यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

४) हिमालय अस्वगंधा के नियमित सेवन से तनाव दूर होता है।

५) हिमालय अश्वगंधा के नियमित सेवन से नींद, सिरदर्द, स्वप्नदोष, मानसिक परेशानी आदि मे राहत मिलती है।

६) यह शक्तिवर्धक,शुक्रानुवर्धक और पोष्टिक है।

७) यह तंत्रिकतंत्र संबंधी कमजोरी को दूर करता है।

८) अश्वगंधा जवानी बरकरार रखने वाली औषधि है।

९) इसके सेवन से वीर्य गाढ़ा होता है।

१०) यह शरीर की मांसपेसियों को मजबूत बनाता है।  

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११) औरतों को स्तनपान कराते समय इसका सेवन ज़रूर करना चाहिए।

१२) यह बुढापे को दूर करने वाली औषधि है।

१३) हिमालया अश्वगंधा हृदय रोग,त्वचा रोग, अल्सर, जोड़ो मे सूजन, अवसाद, इन सभी मे बहुत लाभदायक है।   

१४) इसके सेवन से स्मरण शक्ति बढ़ती है।

हिमालया अश्वगंधा के नुकसान (Side Effects Of Himalaya Ashwagandha In Hindi)

  • अश्वगंधा के अधिक सेवन से ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है, इसलिए इसका सेवन आप डॉक्टर से सलाह करके ही ले।
  • यह 18 साल से कम वाले व्यक्ति के लिए सही नहीं है, क्योकि इससे प्रजनन अंगो पर असर डल सकता है।
  • दवा के सेवन का असर कुछ सप्ताह के बाद दिखता है, दो से चार दिन मे कोई असर नज़र नहीं आता है।
  • इसे एक निश्चित मात्रा मे ही लेना होता है।
  • यदि इस दवा के लेने से आपको चक्कर आना, जी मितलाना या फिर और कोई साइड इफैक्ट लगे तो दवा का सेवन तुरंत बंद कर दे।
  • गर्भावस्था मे इसका सेवन डॉक्टर के सलाह अनुसार ही करना चाहिए। अगर गर्भावस्था मे इसका सेवन करना है तो इसकी मात्रा, गर्भावस्था का महिना, सभी बातों को ध्यान मे रख कर ही करना चाहिए।

हिमालया अश्वगंधा का सेवन रोज़ भोजन के बाद करना चाहिए। इसे प्रतिदिन २ बार १-२ टबलेट ले सकते है। इसका लाभ दिखने मे समय लगता है,यह एक प्रकृतिक दवा है इसलिए इसका नुकसान भी नहीं के ही बराबर है।

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