benefits, uses and side effects of himalaya cystone tablet in hindi

सिस्टोन बहुत ही पुरानी एवं आयुर्वेदिक दवा है जो की जड़ीबूटियो और खनिजों का एक आयुर्वेदिक formula है। सिस्टोन से सामान्य मूत्र संरचना और श्र्लेष्मिक अखंडता को बनाए रखने में मदद करता है। सिस्टोन स्वाभाविक रूप से एक स्वस्थ मूत्र मार्ग को बढ़ावा देता है। ये हिमालया ड्रग कंपनी द्वारा निर्मित है। पत्थरी के ईलाज के लिए इसका इस्तेमाल न सिर्फ आयुर्वेदिक डॉक्टर करते हैं बल्कि ऐलोपथिक डॉक्टर लोग भी इसका इस्तेमाल करते हैं। इसके इस्तेमाल से किडनी और मूत्राशय की पत्थरी घुल कर निकल जाती है और दुबारा पत्थरी होने से रोकती है।

सिस्टोन की टेबलेट और सिरप हर जगह आसानी से मिल जाता है। जड़ी बूटी और खनिज के मिश्रण से बनी यह दवा बहुत ही असरदार है।आहार अनुपूरक के रूप में सिस्टोन गुर्दे और मूत्र मार्ग के सामान्य कार्यो में मदद करता है।

पाषणभेद, शिलापुष्प, मंजीठ, नागरमोथा, अपामार्ग, गोजिव्हा, सहदेवी, शिलाजीत और हजरूल यहूद भस्म इत्यादि इसके मुख्य घटक हैं।

हिमालया सिस्टोन टबलेट की सामाग्री (Ingredients of Himalaya Cystone tablet in Hindi)

१) गोजिह्वा ३२mg – गुर्दे की पथरी की रोकथाम के लिए ।
२) मंजिष्ठा ३२ mg- रक्त को शुद्ध और साफ करने में मदद करता है।
३) नगर्मुस्तका ३२ mg  – सूजन को कम करता है और गुर्दे,तिल्ली ,गर्भासय को साफ करता है।
४) सहदेवी ३२ mg  – मूत्राशय की ऐठन को कम करने
५) शिलाजीत – यह मधूमह और अन्य बीमारियो को नियंत्रित करने के लिए है।
६) अर्कपत्रि – मूत्र रोगो और मूत्र के अवधारण के लिए
७) हज़रुल यहूद भस्म
८) गोजीहा
९) अपमार्गा
१०) शतावरी

हिमालया सिस्टोन के फ़ायदे  (Benefits of himalaya cystone tablet in Hindi)

१) यह एक मूत्रल औषधि है जिस से पेशाब ज़्यादा आने लगता है । इसके इस्तेमाल से पत्थरी घूल कर निकल जाती है और नयी पत्थरी बनने से रोकता है।

२) पेशाब की जलन या Burning Sensation  और इन्फेक्शन को दूर करता है

३) पेशाब में क्रिस्टल आने की समस्या को दूर करता है।

४) किडनी, मूत्राशय और पेशाब के रास्ते की इन्फेक्शन को दूर करता है।

५) एंटी inflamatory गुणों की वजह मूत्र संसथान की सुजन और दूसरी सुजन को भी कम करता है।

हिमालया सिसटोन के उपयोग (Uses of Himalaya Cystone tablet in Hindi)

१) गुर्दे की पथरी(kidney stone) के उपचार और रोकथाम के लिए।

२) पथरी पुनरावृति की रोकथाम के लिए।

३) मूत्र में क्रिस्टल का उपचार कcrystal in urine

४) अन्य मूत्र समस्या से दिलात दिलाने में

५) पुराने मूत्र मार्ग में संक्रमण chronic urinary tract infection

६) मूत्रमार्ग की सूजन और जलन

७) पेशाब में जलन

८) गाउट( hyperuricemia )

हिमालया सिस्टोन टबलेट के साइडइफेक्ट और सावधानी (Side effects and precaution of Himalaya Cystone tablets in Hindi )

कोई भी चीज अगर आप सही मात्र में लेते है डॉक्टर की सलाह के अनुसार लेते है तो कोई sideeffects नहीं होता । अगर वही आप इसे सही मात्र में न ले या ज्यादा ले तो नुकसान तो करेगा ही।

और अगर आपको इन सब में से कोई भी रोग है तो पहले अपने डॉक्टर से consult करे फिर ही ले क्यूकी अगर आप पहले से कोई दवा ले रहे है तो इसकी आपकी dosage ज्यादा हो जाएगी जो हमारे शरीर के लिए नुकसान दायक है। और साथ ही जिगर और दिल की बीमारी से ग्रस्त है तो न ले।

हिमाल्य सिस्टोन टबलेट की खुराक (Dosage of himalaya cystone tab and syrup in hindi)

2 से 3 टेबलेट दो से तिन बार, ये व्यस्क व्यक्ति की मात्रा है।  बच्चों को 1 टेबलेट  2 से 3 बार दे सकते हैं।
छोटे बच्चों के लिए इसका सिरप इस्तेमाल करना ज्यादा ठीक रहता है। इसका इस्तेमाल करते हुये पानी ज्यादा पीना चाहिए।
डॉक्टर की सलाह के अनूसार ले ।

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