Castor Oil-review

अरंडी (Arandi) का तेल को अँग्रेजी में Castor Oil ऑइल कहा जाता है जो की एक वनस्पति तेल है। इस तेल का इस्तेमाल आज से नहीं बल्कि हमारे बूजुर्गों द्वारा काफी समय पहले से किया जा रहा है। अरंडी का तेल में जीवाणुरोधी गुण होते है जो हमारी बहुत सी परेशानी को दूर करता है चाहे वो त्वचा हो या बालो की परेशानी हो या हमारे शरीर की । अरंडी का तेल अरंडी के बीज से निकलता है। अरंडी के बीज को दबाकर प्रोसेसिंग प्रक्रिया के अंतर्गत इससे तेल निकाला जाता है।

Castor Oil का प्रयोग असरदार औषधी के रूप में भारत और अफ्रीका में काफी किया जाता है। कैस्‍टर आयल में ओमेगा ३ और ९ , प्रोटीन और विटामिन ई होता हैं जो हमारी स्किन और बालो और के लिए काफी अच्छा और लाभदायक माना जाता है। इतना ही नहीं अरंडी के तेल में एंटीफंगल और एंटि-बैक्टीरियल गुण होते है जिसका प्रयोग हम घरेलू औषधि के रूप में करते है। इतना ही नहीं ये हमारे बच्चो की सेहत के लिए भी फायदेमंद है।

अरंडी का तेल दिखने में थोड़ा गाढ़ा और पीले रंग का होता है। आजकल तो ओरगनिक प्रॉडक्ट को लोग बहुत पसंद करते है और में भी ,तो में यही कहुगी की आप अरंडी का तेल ओरगनिक या नैचुरल ही ले मार्केट से। ये तेल देशभर में बहुत ही प्रसिद्ध है क्यूंकि ये बहुत से सौंदर्य प्रॉडक्ट, मालिश तेल , वस्त्र ,और यहा तक कि दवाइयों में भी काम में लिया जाता है। कोई भी चीज या वस्तु का कुछ फायदा एवं नुकसान जरूर होता है। फर्क है आप उसे कैसे इस्तमाल करते है।चलिये जाने अरंडी के तेल के क्या फायदे है और क्या नुकसान है जिससे हम अपनी रोज मारा कि जिंदगी में कैसे लाये।

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अरंडी के तेल के फायदे (Benefits Of Castor Oil in Hindi)

१. त्वचा को बूढ़ा होने से रोके कैस्टर ऑइल (Prevents Skin From Anti-Ageing)

कोई भी महिला हो वो जल्द बूढ़ी नहीं दिखनी चाहती है। अरंडी का तेल जब हम त्वचा पे लगते है तो त्वचा कि गहराई से प्रवेश कर कोलेजेन और एलेस्टीन के उत्पादन को बढाता है और त्वचा को नरम एवं हाइड्रेट करने में मदद करता है। यह झुरियों और फ़ाइन लाइंस को कम करता है। साथ ही त्वचा को सॉफ्ट बनाता है।

२. त्वचा की सूजन कम करने के लिए अरंडी के तेल  (Reduce The Swelling Of Skin)

सुखी त्वचा,सनबर्न और मुहासे से होने वाले सूजन को ठीक करने के लिए अरंडी का तेल मानो एक वरदान है। इसके लिए आप कोई सूती कपड़े या रुई को कैस्टोर ऑइल में भिगो कर सूजन वाली जगह पर लगा कर १ घंटे बाद धोने से सूजन में लाभ होता है। और साथ ही त्वचा नरम होती है।

Benefits and side effects of Castor oil in hindi

३. दाग धब्बो को मिटाने के लिए कैस्टोर ऑइल का उपयोग (For Face Blemishes)

अरंडी के तेल का उपयोग चेहरे के दाग धब्बो और काले निशान को मिटाने के लिए किया जाता है। ये धीरे काम करता है इसलिए इसको नियमित रूप से इस्तमाल करने कि जरूरत होती है।

४. त्वचा मे नमी बनाने के लिए कैस्टोर ऑइल (For Moisturizing Skin)

चिकनी और सॉफ्ट त्वचा के लिए अरंडी का तेल एक बेहतर ऑप्शन है। इसलिए आप सस्ते एवं प्राकृतिक त्वचा moisturizer कि तलाश में है तो castor oil चुन सकते है। आप अपनी face को अच्छी तरह साफ करके इस तेल कि मालिश धीरे धीरे करे।

५. अरंडी के तेल का उपयोग मुहासे को दूर करने के लिए (For Acne Treatment)

अरंडी का तेल मुहासे को कम करने लिए एक लाभकारी ओषधि है। गरम पानी से अपने चहरे को धो कर तेल से धीरे धीरे अपने चेहरे की मालिश करे और अगले दिन ठंडे पानी से धो ले। अरंडी के तेल में राइसीनोलिक एसिड है जो मुहासे से उतपन्न बैक्टीरिया से लड़ता है।

Benefits and side effects of Castor oil in hindi

६. लंबे काले बालो के लिए अरंडी तेल के फायदे (For Hair Growth)

अरंडी के तेल में आवश्यक फेटी एसिड है जो स्वस्थ एवं लंबे बालो के लिए बहुत ही लाभकारी है। castor oil बालो के विकास को बढ़ता है साथ ही बालो में रूसी और खुजली जैसी समस्या का अंत भी करता है। इसकी रोज़ाना मालिश से आप लंबे ओर मज़बूत बाल पा सकते है|

७. स्ट्रेच मार्क्स को हटाने के लिए अरंडी के तेल का उपयोग (Use Of Castor Oil For Stretch Marks In Hindi )

स्ट्रेच मार्क्स प्रेग्नंसी में होते है, खास कर प्रेग्नंसी के अंतिम दो महीनो में ये ज्यादा होते है। अगर इनका ध्यान ना रखा जाए तो ये बहुत अधिक हो जाता है। अरंडी के तेल मालिश ऐसे निशान को कम करने के काम आती है |

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८. दाद का इलाज के लिए अरंडी के तेल का उपयोग (To Treat Ringworm)

अरंडी के तेल में अलेनेनिन नामक एसिड होता है जो दाद के उपचार के लिए बहुत उपयोगी है। २ चम्मच अरंडी के तेल में ४ चम्मच नारियल के तेल में मिलाकर दाद वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है।

९. सफ़ेद बालो को होने से रोके अरंडी का तेल (To Prevent Greys)

अगर आपके बाल समय से पहले सफ़ेद होने लगे है तो आप अरंडी का तेल उपयोग मे लाए।  ये आपके ड्राइ एवं डैमेज बालो के उपचार के लिए बहुत उपयोगी है।

१०. घावो को भरने के लिए (For Wound Healing)

अरंडी का तेल में रोगनुरोधी गुण होते है जो घावो को भरने में काम आते है। ये कट्स एवं खरोच के उपचार के लिए प्रभावी है। ये सूजन और दर्द को दूर भी करने में मदद करता है।

११. गठिया, मासिक धर्म एवं पीठ दर्द के इलाज के लिए अरंडी का तेल (For Arthritis, Menstrual Pain and Backache)

अरंडी के तेल से हमे गठिया के दर्द में भी बहुत आराम मिलता है। एक कपड़े का टुकड़ा ले और उसे अरंडी के तेल में भिगो दे। अतिरिख्त तेल को निचोड़ के निकाल दे फिर प्रभावित जगह पर इसे रख कर  इसे कवर कर दे। अब इसपर हीटिंग पैड या गरम थेलि से सेके। आपको इससे काफी आराम मिलेगा। अगर आपको chikanguniya बुखार होगया हो तो और आप दर्द से परेशान है तो अरंडी के तेल मालिश से आपको राहत मिलेगी। साथ ही अगर किसी महिला को पीरियड्स या मासिक धर्म के दौरान पीड़ा होती है, इस तेल से उन्हे भी आराम मिलेगा

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१२. इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए (To Increase Immune System)

अरंडी के तेल इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में काफी मदद करता है। इसके इस्तेमाल से कोशिकाओ की संख्या बढ़ जाती है जो शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र में वृद्धि करता है।

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बच्चो के लिए अरंडी के तेल के फायदे (Benefits Of Castor Oil For Babies In Hindi )

१. बच्चो की स्किन को नमी प्रदान करे और मुलायम बनाए (For Soft & Healthy Baby Skin)

बच्चो की त्वचा बहुत ही संवेदनशील होती है ख़ासकर की नाखून, पेट, कमर और उनके प्राइवेट पार्ट का क्षेत्र । अरंडी के तेल से मालिश करने से न केवल शिशु की त्वचा moisturize होती है बल्कि शिशु की त्वचा में चमक भी आ जाता है।  ये शिशुओ के रूखी त्वचा से होने वाली परेशानियों से निजात दिलाने में मदद करता है।

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२. शिशु के चकत्ते से आराम (For Diaper Rash)

ज़माना बदल गया है, पहले माएं सूती कपड़े की लंगोट पहनाती थी और आज कल माएं डाइपेर पहनाना शुरू हो गई है। पर ये बच्चे की त्वचा के लिए सही नहीं होता है क्यूकी बच्चे की त्वचा पर रशेस हो जाते है। अरंडी के तेल में Undecylenic acid पाया जाता है जो diaper से होने वाली रशेस और खुजली वाली जगह पर लगाने से राहत देता है|

३. बच्चो के बालो का विकास के लिए अरंडी का तेल (For Healthy Baby Hair)

अरंडी का तेल बच्चे के बाल को सुंदर,घना व मजबूत बनाता है। बच्चे को थोड़ा सा castor तेल लेकर सिर पर लगाने से बाल अच्छे होने लगते हैं।

४. बच्चो के लिए castor oil एक रेचक है (Castor Oil As Laxative For Babies)

अरंडी के बीज में रेचक के गुण होते है| इसकी गंध अच्छी नहीं होती जिसकी वजह से लोग इसका सेवन केपसूल के रूप में करते है और बच्चे को liquid के रूप में दिया जाता हैं। अगर आप बच्चे को मलत्यागने के आसपास के त्वचा पर लगा देंगे तो बच्चे को मल त्यागने मे आसानी होगी और वो रोएगा नहीं।

५. शिशुओ को कोलिक पैन से राहत दिलाने मे अरंडी तेल का उपयोग (Useful In Colic Pain)

कभी कभी आपने देखा होगा की बच्चे दिन में या रात में लगातार रोने लगते है। बच्चे के रोने का मुख्य कारण कोलिक पैन होता है क्यूकी बच्चे के पेट में गॅस जमा हो जाती है | इस पीड़ा का सही करने के लिए आप अरंडी के तेल को बस हल्का गरम करे और अपने हाथो से बच्चो के पेट पर धीरे धीरे मालिश करे। इससे  उनको राहत मिलेगी।

६. बच्चो के मांसपेसियों के दर्द के लिए (For Muscles Pain In Babies)

बच्चो की मांसपेसिया समय के साथ बढ़ती रहती है जिससे उनमे कभी कभी बच्चो को दर्द भी होता हा। अरंडी के तेल से मालिश करने से कुछ ही पल में आराम मिलने लगता है।

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बच्चो के लिए अरंडी तेल के नुकसान (Side Effects Of Castor Oil For Babies In Hindi)

जैसे की कोई भी चीज एक सीमित मात्र में उपयोग हो तो ही वो फायदा करता है नहीं तो वो नुकसान भी कर सकता है। तो हमे अरंडी के तेल का इस्तमल करते वक्त बच्चे को मुंह या आँखो के पास से दूर रखना जरूरी होता है। ऐसे तो अरंडी के बीज़ में प्रोटीन होता है पर कहा जाता है की सतर्क तो रहना ही चाहिए। और कोई भी उपाय करने से पहले आप डॉक्टर से जरूर सलाह ले।

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अरंडी के तेल के नुकसान (Side Effects Of Castor Oil In Hindi)

  • शरीर में गैस संबंधी बीमारियों से लेकर कब्जियत को दूर करने के लिए अरंडी के तेल का उपयोग किया जाता है पर एक निश्चित अनुपात से ज्यादा किया जातो ये हमारे पाचन तंत्र के लिए काफी नुकसानदायक भी हो सकता है। इसके अधिक इस्तेमाल करने से उल्टी आना, डायरिया या फिर जी मचलाने जैसे समस्या उत्पन्न होने लगती है।
  • अरंडी के तेल आपकी त्वचा के लिए बेहतर परिणाम देता है। यदि इसका उपयोग ज्यादा मात्रा में किया जाए, तो इससे त्वचा पर खुजली, जलन, होठों, आंखों या जीभ में सूजन आना और लाल-लाल दाने निकलना शुरू हो जाते है। इसलिए इसे नियमित मात्रा या ड्राप के अनुसार ही प्रयोग करें।
  • मांसपेशियों में ऐठन का होना अरंडी के तेल के आम दुष्प्रभावों में से एक हैं। यदि आपको भी अरंडी के तेल से शरीर की मालिश करने पर ऐसे कुछ लक्षण दिखाई दे रहें हैं तो आप अरंडी के तेल का उपयोग करना बंद कर दें।
  • अरंडी के तेल का बहुत अधिक उपयोग करने पर यदि आपको चक्कर आ रहें हों तो यह इससे होने वाली एलर्जी के लक्षण है। इसके लिए आपको तुरंत एंटी-एलर्जिक दवा ले लेनी चाहिए जो इसके दुष्प्रभावों के कम करने में मदद करती है।
  • अरंडी के तेल का उपयोग करने से सांस की तकलीफ, रक्त प्रवाह मे रूकावट के साथ सीने की धड़कन तेज हो रही हो तो इसका उपयोग करना बंद कर दें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें।
  • अरंडी के तेल का उपयोग लंबे समय तक करते रहने से शरीर में पोटेशियम की कमी होने लगती है, जो आपके शरीर के लिए निर्जलीकरण का कारण बन सकता है। इसलिए अरंडी के तेल का उपयोग नियमित रूप से रोज नहीं करना चाहिए।

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  • अरंडी का तेल प्रेग्नंसी के दौरान नहीं लेना चाहिए क्यूकी इससे गर्वपात भी हो सकता है तो आप जब भी इसे ले डॉक्टर के बिना परामर्श लिए न ले।

ऐसे तो इस तेल के बहुत फायदे भी है और नुकसान भी पर हर व्यक्ति का शरीर एक जैसा नहीं होता । इसलिए में आपको यह जरूर कहुगी की castor ऑइल का उपयोग करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले।

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