Chukandar ke Fayde aur Nuksan In Hindi

चुकंदर के फायदे और नुकसान इन हिन्दी (Chukandar ke Fayde aur Nuksan In Hindi)

चुकंदर एक लाल रंग का फल ही जो सलाद और जूस के रूप मे खाई जाती है | इसमे भरपूर आयरन की मात्रा होती है जिस कारण से यह लाल रक्त कोशिकाओ की मात्रा को बढ़ाने मे मदद करता है।

इसमे सोडियम,पोटेशियम,क्लोरीन,सल्फर,आयोडीन,क्लोरीन,आयरन,कैल्सियम,विटामिन बी 1,बी 2,जैसे तत्व उचित मात्रा मे पाये जाते है। इसमे फॉलिक एसिड भी पाया जाता है जो गर्भवती महिलाओ के लिए बहुत फायदेमंद है।
चुकंदर का फल जितना फायदेमंद है, इसके पत्ते भी उतने ही फायदेमंद है। चुकंदर के पत्तों का जूस नियमित रूप से पीने से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मे वृद्धि होती है। यह हमारी सेहत के साथ साथ सौंदर्य के लिए भी फायदेमंद है। चुकंदर की तासीर ठंडी होती है। इसके पत्तों मे भी आयरन,केल्शियम,और विटामिन जैसे पोषक तत्व पाये जाते है। इसके सेवन से हमारे शरीर मे कभी भी ब्लड की कमी नहीं हो सकती है।

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चुकंदर के फायदे (Benefits Of Beet Root In Hindi)

१) केंसर के लिए चुकंदर (Beet Root For Cancer)

चुकंदर मे बेटासायनिन की मात्रा पायी जाती है जिससे यह हल्का भूरा और बेंगनी रंग का होता है | और इसी बेटासायनिन की वजह से हमारे शरीर को कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने मे मदद मिलती है।

२) मासिक धर्म मे चुकंदर के फायदे (Beetroot Benefits For Periods)

चुकंदर के नियमित सेवन से मासिक धर्म मे होने वाली अनेकों समस्या जैसे सुस्ती, पेट दर्द से राहत मिलती है। मासिक धर्म बिना किसी कष्ट के आसानी से आता है|

३) एनीमिया मे फायदेमंद (Good For Anemia)

चुकंदर का उपयोग से हमारे शरीर मे ब्लड की कमी ठीक होती है| यह एक ऐसा फल है जो आयरन से भरपूर है, आयरन की प्रचुरता के कारण यह लाल रक्त कोशिकाओ को सक्रिय रखता है और ब्लड के संख्या को संतुलित रखता है।

४) यौन स्वस्थ के लिए फायदेमंद (Benefits Sexual Life)

चुकंदर मे बोरोन बहुत अधिक मात्रा मे पाया जाता है, जो ह्यूमन सेक्स हारमोन को बनाने मे मदद करता है। पुराने जमाने से चुकंदर का उपयोग यौन स्वास्थ के लिए किया जाता है। चुकंदर नाइट्रिक ऑक्साइड देता है जिससे रक्त वाहिनियों का विस्तार होता है और जेनेटल्स मे खून का दौरा बढ़ता है।

५) दिमाग के लिए फायदेमंद (Good For Brain)

चुकंदर के उपयोग से दिमाग मे रक्त का संचार सुचारु रूप से चलता है और दिमाग मे ऑक्सीज़न का प्रवाह होते रहता है| माना जाता है की इसके उपयोग से पागलपन तक के इलाज मे मदद मिलती है। चुकंदर मे कोलिन नामक पोषक तत्व होते है, जो हमारी याददशत को तेज़ करता है।

६) त्वचा के लिए चुकंदर (Beet Root For Healthy Skin)

चुकंदर के रस को पीने से थकान और आलस दूर होता है| इसके रस मे टमाटर का रस और हल्दी मिलकर पीने से त्वचा मे चमक बनी रहती है और इसके रस को पीने से कील मुहाँसे और फोड़े फुंसी भी ठीक होते है। चुकंदर मे बीटन नामक तत्व होता है जो शरीर मे फोड़ा,फुंसी को बनने से रोकता है और उनसे हुए पुराने निशानो को भी ठीक करता है।

७) चुकंदर के फायदे प्रेग्नेंसी मे (Benefits During Pregnancy)

चुकंदर मे बहुत अधिक मात्रा मे फॉलिक एसिड होता है,जो कि माँ और बच्चे दोनों के लिए गर्भावस्था मे महत्वपूर्ण होता है। चुकंदर के सेवन से गर्भ मे पल रहे शिशु के स्पाइनल कोर्ड के निर्माण मे मदद मिलती है।

८) हृदय के लिए चुकंदर के जूस के फायदे (Beet Root Juice For Happy Heart)

चुकंदर के जूस को पीने से हाइपरटेंशन और हार्टअटेक जैसे बीमारी नहीं होती है | चुकंदर मे नाइट्रेट नामक रसायन पाया जाता है जो रक्त के दवाब को कम करता है और खून का संचार सुचारु रूप से करने मे मदद करता है। चुकंदर मे ब्यूटेन नामक रसायन भी पाया जाता है, जो खून को जमने नहीं देता और हमारे दिल को सुरक्षित रखने मे मदद करता है।

९) मधुमेह रोग मे (For Diabetes)

चुकंदर मधुमेह रोग से पीड़ित रोगियो के लिए बहुत ही फायदेमंद है, इसमे एंटिओक्सीडेंट होता है जो खून मे शक्कर के लेवल को बढ्ने से रोकता है। यह शरीर की इंसुलिन सेंसिटीविटी को ठीक रखता है और तनाव को भी दूर करता है।

१०) एनर्जि लेवल को बढ़ाने मे (Increasing Energy Level)

चुकंदर मे कार्बोहाईड्रेड होता है, जो हमारे शरीर की एनर्जी लेवल को बढाता है| जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हम हर बदलते मौसम से हो सकती बीमारियो से दूर रहते है | खसरा बुखार मे इसका रस बहुत ही फायदेमंद है।

११) पेट संबंधी रोग मे (Relieves Stomach Pain)

चुकंदर मे फाइबर की बहुत मात्रा होती है जिस कारण से यह हमे पेट संबंधी परेशानी और पाचन को ठीक करने मे मदद करता है। अगर आप रात को सोने से पहले एक ग्लास चुकंदर का रस पीने की आदत बना ले तो कई कठिन बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है जैसे की बवासीर,कब्ज, पथरी, पेशाब की जलन आदि|

१२) लिवर के लिए (Good For Liver)

लिवर के लिए चुकंदर किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है, लिवर हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है,यह खून मे से टोकसिक को निकालने और उन्हे शुद्ध करने के बाद ही बाकी शरीर मे पहुचने देता है,लिवर हमारे शरीर की गंदगी को फ़िल्टर करता रहता है,यह शरीर के बाकी अंगों की तुलना मे सबसे ज्यादा काम करने वाला अंग है,हमे अपने लिवर का खास ध्यान रखना चाहिए और अपनी डाइट का भी ध्यान रखना चाहिए,इसमे हमे चुकंदर को जरूर शामिल करना चाहिए। चुकंदर खून को साफ करने मे मदद करता है जिससे लिवर की काम करने की क्षमता बढ़ जाती है। इसके सेवन से सुस्त परे लीवर मे भी नयी जान आ जाती है।

चुकंदर के कुछ और भी फायदे है 

  • अगर हमारे बालों मे रूसी हो जाए तो इसके लिए हमे चुकंदर के रस मे सिरका मिलाकर बालों की जड़ो मे कॉटन या ब्रश की सहायता से लगाना चाहिए और आधा घंटा के बाद बालो को धो ले। ऐसा लगातार कुछ महीने करने से बालों से रूसी पूरी तरह से खत्म हो जाती है।
  • कोई भी व्यक्ति बड़ा हो या बच्चा अगर उसके पाँव मे मोच आ जाए तो चुकंदर के पत्तों को हाथ से रगड कर मोच वाले स्थान पर रख कर कपड़ा बांधने से मोच का दर्द ठीक हो जाता है।
  • चुकंदर मे बीटेन नमक तत्व पाया जाता है जिससे शरीर मे ट्यूमर बनने की संभावना बहुत कम हो जाती है।
    अगर किसी भी इंसान के हाथ पैर बहुत फटते हो तो उसके लिए हमे चुकंदर को पानी मे उबाल लेंगे और फिर उसके पानी मे हाथ पैर को डुबो कर रखने से धीरे धीरे उनका फटना ठीक हो जाता है।

अभी तक हमने चुकंदर के फायदे के बारे मे जाना अब इसके नुकसान के बारे मे जानते है। जितना चुकंदर खाने के फायदे है उतने नुकसान भी

चुकंदर के नुकसान (Chukander ke Nuksaan)

१)ब्लड प्रेशर का कम होना (Low Blood pressure)

जिन लोगो का रक्तचाप कम रहता है,उन्हे चुकंदर के रस का सेवन नहीं करना चाहिए और वो लोग जो हाइ ब्लड प्रेशर के रोगी है और नियमित दवा का उपयोग करते है उन्हे भी चुकंदर का रस नहीं पीना चाहिए क्योकि ऐसा करने से ब्लड प्रेशर समान्य से बहुत कम हो जाएगा। दवा और चुकंदर का रस दोनों साथ मे नहीं लेना चाहिए,हाइ ब्लड प्रेशर वाले के लिए चुकंदर का रस वरदान से कम नहीं है।

२)पेशाब और मल का रंग बदल जाना

चुकंदर का रस जरूरत से ज्यादा पीने से मल का रंग बदल जाता है,मल का रंग लाल या गुलाबी हो सकता है। जिससे लोगो को यह भ्रम हो जाता है की उनके पेशाब से या मल से खून आ रहा है,जिससे लोग घबरा जाते है,इस स्थिति को बिटूरिया कहा जाता है,जिसमे पेशाब और मल का रंग लाल हो जाता है। इसमे घबराने की बात नहीं है,चुकंदर मे बीटानिन नाम का तत्व पाया जाता है,जिस कारण से इसका रंग लाल हो जाता है,यह स्थिति चुकंदर के सेवन के ४८ घंटे के बाद खुद ही नॉर्मल हो जाती है। अगर ४८ घंटे के बाद भी पेशाब का रंग लाल हो तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

३)किडनी मे पथरी होने का खतरा

चुकंदर के जूस मे ओकसलेट होता है,यह ऐसा कम्पाउण्ड है जो गुर्दे मे पथरी बनाने के लिए माना जाता है,चुकंदर का रस जरूरत से ज्यादा पीने से किडनी पर इफैक्ट पड़ता है,जिन लोगो को किडनी मे स्टोन बनने का खतरा होता है उन्हे चुकंदर का रस पीने से परहेज करना चाहिए।

४)पेट खराब होने की समस्या

अगर आप बहुत ज़्यादा मात्रा मे चुकंदर का जूस पीते है तो आपका पेट खराब हो सकता है।चुकंदर के साथ किसी भी अन्य फल का जूस बराबर मात्रा मे मिलाकर पीना चाहिए। चुकंदर को कच्चे खाने से आपको गैस ट्रो इंटेस्टाइनल की बीमारी हो सकती है,इसमे फ्रुक्टन्स होता है जिसे हम एक तरह का कार्बोहायड्रेड भी कह सकते है, जिसके वजह से पेट संबंधी समस्या भी हो सकती है।

५)शुगर की समस्या

अगर आपको शुगर की समस्या है तो आपको चुकंदर का जूस का सेवन एक सीमित मात्रा मे करना चाहिए,अगर आपका शुगर का लेवल नियंत्रित है तो आप १०० ग्राम जूस जिसमे ७ ग्राम शुगर होता है वह आप आराम से पी सकते है लेकिन इसके लिए आपको फिर किसी अन्य स्त्रोत से शुगर नहीं लेनी है और अन्य खाद्य सामाग्री भी संतुलित मात्रा मे लेने चाहिए।

हमने चुकंदर के बारे मे इतना कुछ तो जान लिया लेकिन अब हमे इसके जूस बनाने की विधि को भी जानना है। चुकंदर का जूस बनाने के लिए

सामाग्री (Material For Beetroot Juice)

  • चुकंदर -४ पीस
  • अदरक –१ छोटा टुकड़ा
  • नींबू – १ पीस
  • गाजर- ४ पीस
  • नमक – स्वादानुसार

Chukandar ke Fayde aur Nuksan In Hindi

जूस बनाने की विधि (How To Make Beet Juice)

  • जूस बनाने के लिए सबसे पहले हम गाजर,अदरक,चुकंदर,को अच्छी से छील कर धो लेंगे
  • फिर इन्हे बड़े बड़े टुकड़ो मे काट लेंगे
  • फिर इन्हे धोकर सभी को एक साथ मिक्सर के जर मे डालकर पीस लेंगे
  • अब इसे छानने के बाद इसमे नींबू का रस और नमक डालकर पिये
  • इसे हम बिना नमक डाले भी पी सकते है।

FDA Compliance

इन बयानों का मूल्यांकन खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है। स्थिति गंभीर होने पर कृपया चिकित्सक से परामर्श लें।

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