Daad,Khaj aur Khujli Ko Dur bhagane ke gharelu upay

दाद, खाज, खुजली एक बहुत ही परेशान करने वाली चर्म रोग है।बॉडी पर दाद हो जाये तो कई बार इसके साथ फुंसियां भी हो जाती है और उनमें पस भरने लगती है। यदि समय से इस पर ध्‍यान नहीं दिया गया तो यह त्‍वचा पर अपनी जड़ें जमा लेता है और कितना भी एंटी फ़ंगल क्रीम लगाएं, ठीक होने के कुछ दिन के बाद फिर से हो जाता है। जब दाद के बाद काले निशान पड़ जाते हैं तो उसे एक्ज़िमा कहते हैं।

आज की  ब्ज़ी लाइफ में सभी लोग इतने व्यस्त रहते है की वो अपना ध्यान नहीं रख पाते। साफ सफाई पर कम ध्यान दे पाते है। ये दाद खाज खुजली की बीमारी अधिकतर आदमी लोग को होती है। खुजली से दूर रहने के लिए उपचार जरुरी है की साफ़ सफाई का ध्यान रखे। शरीर को साफ़ रखे और साफ़ सुथरे कपड़े पहने। अगर सही तरीके से और सही समय पर खुजली का इलाज किया जाये तो इस समस्या को बढ़ने से रोक सकते है।

दाद ,काज और खुजली के कारण

1) ज्यादा जोर से खुजालने पर त्वचा में निशान से पड़ जाते हैं और उनमें तेज जलन होती है। खुजली एक फैलने वाला रोग है। घर के अन्दर अगर किसी एक व्यक्ति को खुजली हो जाती है तो उसके साथ वाले सारे लोग भी खुजली के शिकार हो जाते हैं।

2) गर्मी के मौसम में शरीर में बहुत ज्यादा पसीना आता है और जब यह पसीना त्वचा पर सूख जाता है तो खुजली पैदा हो जाती है।

3) बाहर निकलने पर जब धूल-मिट्टी शरीर पर लगती है तो भी खुजली पैदा हो जाती है।

4) रसायनिक चीज़ों जैसे साबुन, चूना, सोडा, डिटर्जेंट आदि का ज़्यादा प्रयोग से भी ये प्रोब्लेम हो जाती है।

5) कब्‍ज़, रक्‍त विकार, महिलाओं में मासिक धर्म की गड़बड़ी से भी ये परेशानी होती है।

6) किसी दाद, खाज, खुजली वाले व्‍यक्ति के कपड़े पहनने से यह रोग हो सकता है।

7) रोजाना न नहाना भी खुजली होने का बहुत बड़ा कारण है।

8) सर्दी के मौसम में ठंड़ी हवा जब शरीर में लगती है तो शरीर की त्वचा सूखकर खुरदरी सी हो जाती है और उसमें तेज खुजली होने लगती है।

दाद ,काज और खुजली के लक्षण

इस रोग में त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने या चते  निकलने लागते हैं, जिससे इनमे बहुत ही ज्यादा खुजली होती है और खुजलाने के बाद जलन होती है। बाद में ये दाग़ के रूप में फैलने लगते हैं। यदि पूरे शरीर में एक्ज़िमा हो गया है तो बुखार भी आने का डर रहता है तो अच्छा  रहेगा इसपर समय से पहले ध्यान दे।

दाद ,काज और खुजली के बचाव

नमक का सेवन बंद कर दें, यदि ज़रूरी हो तो बहुत कम मात्रा में नमक लें जिन्‍हें दाद, खाज, खुजली हो गई है उन्‍हें सबसे पहले चाहिए कि नहाते वक़्त साबुन, शैंपू आदि का इस्‍तेमाल बंद कर दें। यदि ज़रूरी हो तो नहाने में ग्लिसिरीन सोप का इस्‍तेमाल करें। नहाने के बाद नारियल का तेल लगाएं। और कोई भी आपका साबुन न इस्तमाल करे।
दाद, खाज, खुजली में खट्टे, चटपटे व मीठी चीज़ों के सेवन से बचें।

पानी में नीम के पत्‍तों को उबाल कर स्‍नान करने से आराम मिलता है और एक्ज़िमा के कीटाणु नष्‍ट हो जाते हैं।
कपड़े साफ़ करते वक्‍त अच्‍छी तरह धुल लेना चाहिए, उसमें डिटर्जेंट का थोड़ा सा भी अंश नहीं होना चाहिए। पूरी तरह सूख जाने के बाद ही पहनें। एक्ज़िमा में समुद्र के पानी से नहाना श्रेयष्‍कर है।

यदि पुराना दाद, खाज, खुजली है तो एंटी फ़ंगल क्रीम का प्रयोग कुछ दिनों तक लगातार करें, आमतौर पर लोग एंटी फ़ंगल क्रीम लगाते हैं और थोड़ा ठीक होने पर लगाना बंद कर देते हैं, इससे दाद और ज़िद्दी हो जाता है।
यदि खुजलाने के बाद उसमें से पानी निकलता है या पसीजता है तो उसपर पानी का प्रयोग न करें

दाद,खाद और खुजली से छुटकारा के लिए घरेलू उपाय इन हिन्दी

(Daad,khad aur khujli se chutkara pane ke liye gharelu upay in hindi )

१) आक

  • आक के फूलों का गुच्छा तोड़ने पर जो दूध निकलता है उसमें नारियल का तेल मिलाकर त्वचा पर लगाने से खुजली जल्दी दूर हो जाती है।
  • १०० मिलीलीटर आक का दूध, ४०० मिलीलीटर तिल या सरसों का तेल, २०० मिलीलीटर हल्दी चूर्ण और १५ ग्राम मैनसिल ले लें। पहले मैनसिल और हल्दी को पानी में पका लें। फिर दूध मिलाकर लेप सा बना लें। अब इसमें तेल और 2 लीटर पानी मिलाकर गर्म कर लें। इस तेल को लगाने से खाज-खुजली, पामा आदि चर्म रोग दूर हो जाते हैं, इसे अर्श (बवासीर) के मस्सो पर बराबर लगाने से वह सूखकर झड़ जाते हैं।
  • १० लीटर आक के दूध को ५० लीटर सरसों के तेल में पका लें। सिर्फ तेल बाकी रहने पर या दूध के जल जाने पर इसे सुरक्षित रख लें। इस तेल की दिन में २ बार मालिश करें और ३ घंटे तक स्नान न करें। इससे कुछ दिनों में ही खुजली पूरी तरह से दूर हो जाती है।
  • आक के २१ पत्तों को १२५ लीटर सरसों के तेल में जलाकर फिर उसमें थोड़ा मैनसिल घोट कर रख लें। इसकी मालिश से भी खुजली में पूरा लाभ होता है।
  • आक का दूध छाया में सुखाकर व कड़वे तेल में मिलाकर मालिश करने से खुजली आदि रोगों में लाभ होता है।
    १० मिलीलीटर आक (मदार) के दूध में ५० मिलीलीटर सरसों का तेल मिलाकर आग पर पकाने के लिये रख दें। जब पकते-पकते दूध जल जाये तो इसे आग पर से उतारकर बचे हुये तेल से शरीर पर मालिश करने से कुछ ही समय में खुजली बिल्कुल दूर हो जाती है।
  • १  लीटर आक के पत्तों का रस, ५० ग्राम हल्दी का चूर्ण और आधा किलो सरसों के तेल को हल्की आग पर पका लें। पकने पर सिर्फ तेल शेष रहने पर छानकर शीशी में भर लें। इसकी मालिश से खाज-खुजली आदि रोग दूर हो जाते हैं। यह 2-4 बूंदे कान में टपकाने से कान का दर्द भी मिट जाता है।
  • १ लीटर आक (मदार) के ताजे पत्तों का रस, २  लीटर गाय का दूध, ६  ग्राम सफेद चंदन, लाल चंदन, हल्दी, सोंठ और सफेद जीरा को एकसाथ पीसकर चूर्ण बनाकर १ किलाग्राम घी में पकाएं। पकने पर सिर्फ घी शेष रहने पर छानकर रख लें। इसकी मालिश करने से खुजली-खाज आदि रोग दूर हो जाते हैं।
  • आक (मदार) के १० सूखे पत्तों को सरसों के तेल में उबालकर जला लें। फिर इस तेल को छानकर ठंड़ा होने पर इसमें कपूर की ४  टिकियों का चूर्ण अच्छी तरह मिलाकर शीशी में भर लें। इस तेल को खाज-खुजली  वाले अंगो पर रोजाना ३ बार लगाने से लाभ होता है।

२)  नींबू

अगर शरीर में दाद, खुजली, गंज हो तो केले के गूदे को पीसकर नींबू के रस में मिला लें और लगायें। इससे खुजली दूर हो जाती है।
• केले के गूदे मे नींबू के रस मिलाकर खुजली वाली जगह पर लगाने से खुजली ठीक हो जाती है।
• चंदन के तेल में नींबू का रस मिलाकर खुजली वाली जगह पर रोजाना ६-७  बार लगाने से खुजली में आराम आता है।
• २० मिलीलीटर नींबू के रस में २५ ग्राम मुलतानी मिट्टी और १० ग्राम कालीमिर्च को पीसकर उसका लेप करने से खुजली मिट जाती है।
• चमेली के तेल में बराबर मात्रा में नींबू का रस मिलाकर शरीर पर मालिश करने से सूखी खुजली दूर हो जाती है।

DAAD,KHAJ AUR KHUJLI KO DUR BHAGANE KE GHARELU UPAY

३ ) पीपल

पीपल की छाल का ४० मिलीलीटर काढ़ा रोजाना सुबह-और शाम को रोगी को पिलाने से खुजली मिट जाती है।
• खाज, खुजली के रोग में ५० ग्राम पीपल की छाल की राख तथा जरूरत के अनुसार चूना और घी मिलाकर अच्छी तरह से खरल करके लेप करने से लाभ होता है।
• पीपल की छाल को पीसकर देसी घी मे मिला कर  इसे खुजली वाली जगह पर लगायें। इससे खुजली जल्द ही दूर हो जाती है।

४) नारियल

१०० मिलीलीटर नारियल के तेल को थोड़ा सा गर्म करके उसमें १० ग्राम कपूर को मिलाकर लगाने से खुजली तुरन्त ही मिट जाती है। कपूर में त्वचा को सुन्न करने का गुण मौजूद होता है।
• ५० मिलीलीटर नारियल के तेल में १० ग्राम कपूर को मिलाकर शरीर पर लेप करने से खुजली मिट जाती है।
• ५० मिलीलीटर नारियल के तेल में नींबू के रस को मिलाकर मालिश करने से खुजली में आराम होता हैं।
• नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर मालिश करने या नींबू को वैसे ही चूसने से खुजली मिट जाती है।
• २० मिलीलीटर नारियल के तेल में १० मिलीलीटर नींबू के रस को मिलाकर लेप करने से खुजली ठीक हो जाती है।
• १० ग्राम पिसी हुई गंधक को १०० मिलीलीटर नारियल के तेल में मिलाकर कई बार खुजली वाले स्थान पर लगाने से खुजली दूर हो जाती है।

Daad,Khaj aur Khujli Ko Dur bhagane ke gharelu upay

५ ) कपूर

१० ग्राम कपूर, १० ग्राम सफेद कत्था और ५ ग्राम सिंदूर को इकट्ठा करके कांसे के बर्तन में डालें और उसमें ऊपर से १०० ग्राम घी डालकर हाथ से मसलकर उसे १२१ बार पानी से धोये। इस मरहम को शरीर में खुजली वाले भागों तथा सडे़ गले जख्मों पर लगाने से खुजली ठीक हो जाती है।
• कपूर को चमेली के तेल में मिलाकर शरीर पर मालिश करने से खुजली दूर हो जाती है।

६) त्रिफला

२० से ९० मिलीलीटर त्रिफला के रस को रोजाना ४ बार पीने से खून साफ हो जाता है और खाज-खुजली के साथ त्वचा के दूसरे रोग भी दूर हो जाते हैं।त्रिफला को तवे पर रखकर राख होने तक गरम करें और उसके ऊपर एक कटोरी उल्‍टी करके रख दें ताकि उसका भाप या धुंआ बाहर न जाकर त्रिफला की भस्‍म में ही रम जाए। पूरी तरह जल जाने पर उसे उतार लें और मसलकर उसकी भस्‍म बना लें। भस्‍म में समान मात्रा में थोड़ी सी फिटकरी, वनस्‍पति घी, देशी घी, सरसो का तेल व पानी मिलाकर खरल में अच्छी तरह मर्दन करें। अब मलहम तैयार है। पकने वाले व स्राव युक्‍त दाद के लिए यह रामबाण औषधि है।

७)  तुलसी

तिल्ली के तेल में तुलसी का रस मिलाकर लगाने से कुछ ही दिनों में दाद,खाद और खुजली  दूर हो जाती है।

Daad,Khaj aur Khujli Ko Dur bhagane ke gharelu upay

८) ज़िद्दी दाद के लिए घरेलू तेल-

५० ग्राम गंधक लेकर उसे पीस लें। लगभग ६ से ९  इंच चौड़े व १२ से १८  इंच लंबे साफ़ सूती कपड़े में गंधक को फैलाकर अच्‍छे तरह से बेलनाकार रोल कर लें। फिर सूती धागे से इसे अच्‍छी तरह बांध दें। यह रस्‍सी के आकार को हो गया। इसे दो फुट ऊंची लकड़ी की छड़ी से बांध दें। अब इस गंधक वाली कपड़े की रस्‍सी में जितना सरसो का तेल सोख सके, उतना तेल लगाएं। अब उस रस्‍सी के नीचे एक बड़ी कटोरी रख दें और गंधक वाली कपड़े की रस्‍सी को नीचे से जला दें। उसके जलने से तेल टपक कर कटोरी में गिरेगा। जब रस्‍सी जलकर ख़त्म हो जाए या तेल गिरना बंद हो जाए तो कटोरी को हटा लें और उसे छानकर किसी कांच की शीशी में रख लें।

-शरीर में खुजली से प्रभावित स्‍थानों पर यह तेल लगाकर उसे भांप से सेकें। यदि पूरे शरीर में खुजली हो तो यह तेल लगाकर धूप में बैठना चाहिए और एक घंटे बाद गर्म पानी से नहा लेना चाहिए।

– दाद को किसी मोटे व रूखे कपड़े से खुजलाकर उसपर यह तेल लगाएं और उसपर पीपल या केले का पत्‍ता रखकर पट्टी बांध दें। कुछ ही दिन के प्रयोग से ज़िद्दी दाद भी चला जाएगा।

दाद,खाद और खुजली से छुटकारा के लिए अन्य उपचार

१) अनार के पत्‍तों को पीसकर लगाने से दाद ठीक हो जाता है।
२ ) बथुआ की सब्‍ज़ी खाने व उसे उबालकर उसका रस निचोड़कर पीने से किसी भी प्रकार के चर्म रोग में लाभ मिलता है।
३) गाजर को घिस लें और उसमें सेंधा नमक डालकर हल्‍का गरम कर लें, इसे दाद पर नियमित लगाने से दाद जड़ से चला जाता है।
४) कच्‍चे आलू का रस पीने से दाद ठीक हो जाता है।
५) सूखे सिंखाड़े को नींबू के रस में घिस कर लगाने से दाद, खाज, खुजली दूर हो जाती है। इसे लगाने पर पहले जलन होगी लेकिन बाद में ठंडा करता है।
८ ) हल्‍दी का लेप लगाने से भी दाद ठीक हो जाता है। इसे दिन में तीन बार और रात को सोते समय एक बार लगाएं।
९) गर्म पानी में अजवाइन पीसकर लगाने या अजवाइन को पानी में मिलाकर धोने से दाद चला जाता है।
१०) नीम के पत्‍तों का रोज़ 12 ग्राम रस पीने से दाद ठीक हो जाता है।

दाद, खाज और खुजली  दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय इन हिन्दी (Ayurvedic upay daad,khad aur khujli ke liye)

Daad,Khaj aur Khujli Ko Dur bhagane ke gharelu upay

– ज़िद्दी व रूखे दाद को जड़ से समाप्‍त करने के लिए समान मात्रा में फलाश के बीज, मुर्दाशंख, सफ़ेदा, कबीला, मैनशिल व माजु फ़ल लें, उसमें करंज के पत्तों का रस और नींबू का रस मिलाकर खरल में पूरे दिन मर्दन करें। इसके बाद इसकी गोली बनाकर सुखा लें और प्रभावित स्‍थान पर गुलाब जल के साथ घिसकर इसे लगाएं।
– गुलकंद व दूध पीने से भी लाभ होता है।
– गेंदे की पत्तियों को पानी में उबालकर प्रभावित जगह पर दिन में तीन-चार बार लगाएं। गेंदे के फूल में एंटी बैक्टीरियल व एंटी वायरल तत्व होते हैं जो चर्म रोग को दूर करने में सहायक होते हैं।
– दाद, खाज, खुजली को जड़ से समाप्‍त करने के लिए नीम की पत्‍ती को दही के साथ पीसकर लगाया जाता है। यह बहुत ही कारगर औषधि है।

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