Home Remedies And Ideas Of Cough And Cold In Hindi

अभी के ठंड के मौसम में खांसी और कफ होना मामूली बात है चाहे वो ठंड से या सीज़न बदलने से बच्चे हो या बड़े ख़ासी हो ही जाती है। पर कभी आपने जाना है जब ये बढ़ जाता है तो कितनी परेशानी होती है, इसलिए जरूरी है इसका इलाज आप सही ढंग एवं जल्दी कर ले।खांसी गले का रोग है जो चेस्ट में जमा कफ, फेफड़ो, सांस की नली और गले में इन्फ़ैकशन के कारण होती है।छाती या सांस से रिलेटेड कोई भी परेशानी हो तो खांसी होना मामूली सी बात है।

ऐसे तो खांसी तो प्रकार के होते है बलगम वाली या सुखी वाली खांसी।बच्चे की ख़ासी हो या बड़ो की कभी भी डॉक्टर की सलाह के बिना मेडिकने नहीं लेनी चाहिए। अगर हो सके तो घरेलु उपाय अपना कर भी आप अपने खांसी को बंद कर सकते है।अगर इसे बात न बने तो ही डॉक्टर के पास आए।मौसम में थोड़ा सा बदलाव से हमारी शरीर में सबसे पहले असर होता है और सुखी खांसी जैसी बीमारी हमारी जकड़ लेती है।सर्दी होने से हमारे नाक, गला सभी बंद हो जाते है।

और सांस लेने में भी परेशानी होती है जिससे हमे सोने में भी दिकत होती है। कई बार तो सर्दी पीछा छोड़ देती है पर खांसी नहीं । इसलिए आए कुछ घरेलू नुषके अपनाए जो बहुत ही सरल है और बिना किसी नुकसान के है। किसी जगह जाने में भी परेशानी होने लगती है। जैसे किसी पार्टी में या फिर किसी मीटिंग में । लगातार खांसी आने की वजह से दूसरों की नज़र में आता है जिससे दूसरे लोगो को बार बार परेशानी होने लगती है। क्यूंकी ये फेलता भी है न ।

खांसी होने के कारण (Causes of Cough and Cold in Hindi)

१) मूंगफली, अखरोट, बादाम, चिलगोजे व पिस्ता आदि खाने के तुरन्त बाद पानी पीने से खांसी होती है। ठंड़े मौसम में ठंड़ी वायु के प्रकोप व ठंड़ी वस्तुओं के सेवन से खांसी उत्पन्न होती है। क्षय रोग व सांस के रोग (अस्थमा) में भी खांसी उत्पन्न होती है।

२) घी-तेल से बने खाद्य पदार्थों के सेवन के तुरन्त बाद पानी पी लेने से खांसी की उत्पत्ति होती है। छोटे बच्चे स्कूल के आस-पास मिलने वाले चूरन, चाट-चटनी व खट्टी-मीठी दूषित चीजें खाते हैं जिससे खांसी रोग हो जाता है।

३) क्षय रोग में रोगी को देर तक खांसने के बाद थोड़ा सा बलगम निकलने पर आराम मिलता है। आंत्रिक ज्वर (टायफाइड), खसरा, इंफ्लुएंजा, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस (श्वासनली की सूजन), फुफ्फुसावरण शोथ (प्लूरिसी) आदि रोगों में भी खांसी उत्पन्न होती है।

४) सर्दी के मौसम में कोल्ड ड्रिंक पीने से खांसी होती है। ठंड़े वातावरण में अधिक घूमने-फिरने, फर्श पर नंगे पांव चलने, बारिश में भीग जाने, गीले कपड़े पहनने आदि कारणों से सर्दी-जुकाम के साथ खांसी उत्पन्न होती है।

५) ध्रुम्रपान ज्यादा करने से या किसी व्यक्ति को पहले से ही सर्दी खांसी हो या फिर फ्लू या वायरल इन्फ़ैकशन से भी होता है।

६) धूल मिट्टी वाली जगह पर ज्यादा रहना या फिर किसी चीज से एलर्जि होना।

इन सभी कारणो से हमे ख़ासी होती है। खांसी लगातार होने से हमे सोने में परेशानी और सर में भी दर्द होने लाघता है ,सांस लेने में परेशानी होती है।

खांसी के इलाज के लिए घरेलू उपाय इन हिन्दी (Gharelu Upay for Cough and Cold in Hindi)

१) हल्दी (Turmeric for Cough and Cold in Hindi)

  • हल्दी के 2 ग्राम चूर्ण में थोड़ा सा सेंधानमक मिलाकर खाने और ऊपर से थोड़ा सा पानी पीने से खांसी का रोग दूर होता है।
  • हल्दी को कूटकर तवे पर भून लें और इसमें से आधा चम्मच हल्दी गर्म दूध में मिलाकर सेवन करें। इससे गले में जमा कफ निकल जाता है और खांसी में आराम मिलता है।
  • खांसी से पीड़ित रोगी को गले व सीने में घबराहट हो तो गर्म पानी में हल्दी और नमक मिलाकर पीना चाहिए। हल्दी का छोटा सा टुकड़ा मुंह में डालकर चूसते रहने से खांसी में आराम मिलता है।

२) शहद (Honey for Cough and Cold in Hindi) 

  • 12 ग्राम शहद को दिन में 3 बार चाटने से कफ निकलकर खांसी ठीक होती है।
  • चुटकी भर लौंग को पीसकर शहद के साथ दिन में 3 से 4 बार चाटने से आराम मिलता है।
  • शहद और अडूसा के पत्तों का रस एक-एक चम्मच और आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर पीने से खांसी नष्ट होती है।
  • 5 ग्राम शहद में लहुसन का रस 2-3 बूंदे मिलाकर बच्चे को चटाने से खांसी दूर होती है।
  • थोड़ी सी फिटकरी को तवे पर भूनकर एक चुटकी फिटकरी को शहद के साथ दिन में 3 बार चाटने से खांसी में लाभ मिलता है।
  • एक चम्मच शहद में आंवले का चूर्ण मिलाकर चाटने से खांसी दूर होती है।
  • एक नींबू को पानी में उबालकर गिलास में इसका रस निचोड़ लें और इसमें 28 मिलीलीटर ग्लिसरीन व 84 मिलीलीटर शहद मिलाकर 1-1 चम्मच दिन में 4 बार पीएं। इससे खांसी व दमा में आराम मिलता है।

३) सौंफ (Sauf for Cough and Cold in Hindi)

  • 2 चम्मच सौंफ और 2 चम्मच अजवायन को 500 मिलीलीटर पानी में उबालकर इसमें 2 चम्मच शहद मिलाकर हर घंटे में 3 चम्मच रोगी को पिलाने से खांसी में लाभ मिलता है।
  • सौंफ का 10 मिलीलीटर रस और शहद मिलाकर सेवन करने से खांसी समाप्त होती है।
  • सूखी खांसी में सौंफ मुंह में रखकर चबाते रहने से खांसी दूर होती है।

४) बांस 

6-6 मिलीलीटर बांस का रस, अदरक का रस और शहद को एक साथ मिलाकर कुछ समय तक सेवन करने से खांसी, दमा आदि रोग ठीक हो जाते हैं।

५) हरीतकी

हरीतकी चूर्ण सुबह-शाम कालानमक के साथ खाने से कफ खत्म होता है और खांसी में आराम मिलता है।

६) कपूर (Kapoor for Cough and Cold in Hindi) 

  • 1 से 4 ग्राम कपूर कचरी को मुंह में रखकर चूसने से खांसी ठीक होती है।
  • बच्चों को खांसी में कपूर को सरसो तेल में मिलाकर छाती और पीठ पर मालिश करने से खांसी का असर दूर होता है।

७) कटेरी (Kateri for Cough and Cold in Hindi)

  • ज्यादा खांसने पर भी अगर कफ (बलगम) न निकल रहा हो तो छोटी कटेरी की जड़ को छाया में सुखाकर बारीक पीसकर चूर्ण बना लें। यह 1 ग्राम चूर्ण में 1 ग्राम पीपल का चूर्ण मिलाकर थोड़ा सा शहद मिलाकर दिन में 2-3 बार चाटने से कफ आसानी से निकल जाता है और खांसी में शान्त होता है।
  • छोटी कटेरी के फूलों को 2 ग्राम केसर के साथ पीसकर शहद मिलाकर सेवन करने से खांसी ठीक होती है।
  • लगभग 1 से 2 ग्राम बड़ी कटेरी के जड़ का चूर्ण सुबह-शाम शहद के साथ सेवन करने से कफ एवं खांसी में बहुत अधिक लाभ मिलता है।
  • लगभग 10 ग्राम कटेरी, 10 ग्राम अडूसा और 2 पीपल लेकर काढ़ा बनाकर शहद के साथ सेवन करने से खांसी बन्द हो जाती है।

८) सोंठ

  • सोंठ, कालीमिर्च, पीपल, कालानमक, मैनसिल, वायबिडंग, कूड़ा और भूनी हींग को एक साथ मिलाकर चूर्ण बना लें। यह चूर्ण प्रतिदिन खाने से खांसी, दमा व हिचकी रोग दूर होता है।
  • सोंठ, कालीमिर्च और छोटी पीपल बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। इस 1 ग्राम चूर्ण को शहद के साथ दिन में 2-3 बार चाटने से हर तरह की खांसी दूर होती है और बुखार भी शान्त होता है।
  • यदि कोई बच्चा खांसी से परेशान हो तो उसे सोंठ, कालीमिर्च, कालानमक तथा गुड़ का काढ़ा बनाकर पिलाना चाहिए। इससे बच्चे को खांसी में जल्द आराम मिलता है।
  • सोंठ, छोटी हरड़ और नागरमोथा का चूर्ण समान मात्रा में लेकर इसमें दुगना गुड़ मिलाकर चने के बराबर गोलियां बनाकर मुंह में रखकर चूसने से खांसी और दमा में आराम मिलता है।

९) जायफल (Jaiphal for cough and cold in Hindi)

जायफल, पुष्कर मूल, कालीमिर्च एवं पीपल बराबर मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बनाकर 3-3 ग्राम चूर्ण सुबह-शाम शहद के साथ सेवन करने से खांसी दूर होती है।

१०) केसर

बच्चों को सर्दी खांसी के रोग में लगभग आधा ग्राम केसर गर्म दूध में डालकर सुबह-शाम पिलाएं और केसर को पीसकर मस्तक और सीने पर लेप करने से खांसी के रोग में आराम मिलता है।

११) अडूसा (वासा)

  • वासा के ताजे पत्ते के रस, शहद के साथ चाटने से पुरानी खांसी, दमा और क्षय रोग (टी.बी.) ठीक होता है।
  • अडूसा के पत्तों का रस एक चम्मच, एक चम्मच अदरक का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से सभी प्रकार की खांसी से आराम मिलता है।
  • अडूसे के पत्तों के 20-30 मिलीलीटर काढ़ा में छोटी पीपल का एक ग्राम चूर्ण डालकर पीने से पुरानी खांसी, दमा और क्षय रोग में लाभ मिलता है।
  • अडूसे के पत्तों के 5 से 15 मिलीलीटर रस में अदरक का रस, सेंधानमक और शहद मिलाकर सुबह-शाम रोगी को खिलाने से कफयुक्त बुखार और खांसी ठीक होती है।
  • अडूसा और तुलसी के पत्तों का रस बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से खांसी मिटती है।
  • अडूसा और कालीमिर्च का काढ़ा बनाकर ठंड़ा करके पीने से सूखी खांसी नष्ट होती है।
  • अडूसा के रस में मिश्री या शहद मिलाकर चाटने से सूखी खांसी ठीक होती है।
  • अडूसा के पेड़ की पंचांग को छाया में सुखाकर चूर्ण बनाकर प्रतिदिन 10 ग्राम सेवन करने से खांसी और कफ विकार दूर होता है।
  • अडूसा के पत्ते और पोहकर की जड़ का काढ़ा बनाकर सेवन करने से दमा व खांसी में लाभ मिलता है।
  • अडूसा की सूखी छाल को चिलम में भरकर पीने से दमा व खांसी दूर होती है।
  • अडूसा, तुलसी के पत्ते और मुनक्का बराबर मात्रा में लेकर काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पीने से खांसी दूर होती है।

१२) अनार के रस को हल्का गुनगुना कर के इसका सेवन करने से भी खांसी दूर होती है।

१३) रात को ख़ासी बार बार आए तो मुंह में लौंग रख कर चबाये आराम मिलेगा।

१४) गरम दूध पीने से भीराहत मिलती है।

१५) मुलेठी और सूखा आंवला पीस कर चूर्ण बना कर रख ले। जब भी कफ या खांसी हो १ चम्मच सुबह और एक चम्मच शाम को खाली पेट ले।

विशेष : अच्युताय हरिओम कफ सिरप(Achyutaya Hariom Cough Syrup) सभी प्रकार के श्वासनली के विकार ,सर्दी खांसी ,दमा तथा सूखी खांसी में अत्यंत लाभकारी ,

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१६) नींबू में विटामिन सी होता है। जो कफ या खांसी के संक्रामण को दूर करता है। २ चम्मच नींबू के रस म्नें १ चम्मच शहद मिला कर दिन में दो से ४ बार पिये आराम मिलेगा।

१७) प्याज़ का रस भी खांसी के इलाज के लिए बहुत फायदेमंद है। आधा चम्मच प्याज़ के रस में आधा चम्मच शहद मिलकर दिन में २ से ३ बार ले फाड़े जरूर मिलेगा।

१८) गाजर के जूस में थोड़ा पानी मिलकर इसमे १ चम्मच शहद मिलकर दिन में ३ से ४ बार लेने से असर होता है।

ये सभी तरीके नैचुरल एवं अच्छे है जीससे कोई निकसन भी नहीं होगा और बच्चो के लिए उपयोग कर सकते है।
लेकिन अगर २ हफ़्तों में भी आराम नहीं मिले तो आप अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करे।

भोजन और परहेज

खांसी(khansi) में पसीना आना अच्छा होता है। नियम से एक ही बार भोजन करना, जौ की रोटी, गेहूं की रोटी, शालि चावल, पुराने चावल का भात, मूंग और कुल्थी की दाल, बिना छिल्के की उड़द की दाल, परवल, तरोई, टिण्डा बैंगन, सहजना, बथुआ, नरम मूली, केला, खरबूजा, गाय या बकरी का दूध, प्याज, लहसुन, बिजौरा, पुराना घी, मलाई, कैथ की चटनी, शहद, धान की खील, कालानमक, सफेद जीरा, कालीमिर्च, अदरक, छोटी इलायची, गर्म करके खूब ठंड़ा किया हुआ साफ पानी, आदि खांसी के रोगियों के लिए लाभकारी है।

कुछ भी गरम चीज खाने के बाद तुरंत ठंडी चीज न खाये या पीए।कोल्ड ड्रिंक ,ठंडा पानी और फ्रीज़ में रखी चीजों को खाने से बचे। ताला और मसले दर खाने से बचे। दहि केला और चावल का सेवन न करे।खांसी में नस्य , आग के सामने रहना, धुएं में रहना, धूप में चलना, मैथुन करना, दस्त रोग, कब्ज, सीने में जलन पैदा करने वाली वस्तुओं का सेवन करना, बाजरा, चना आदि रूखे अन्न खाना, विरुद्ध भोजन करना, मछली खाना, मल मूत्र आदि के वेग को रोकना, रात को जागना, व्यायाम करना, अधिक परिश्रम, फल या घी खाकर पानी पीना तथा अरबी, आलू, लालमिर्च, कन्द, सरसो, पोई, टमाटर, मूली, गाजर, पालक, शलजम, लौकी, गोभी का साग आदि का सेवन करना हानिकारक होता है।

सावधानी

खांसी के रोगी को प्रतिदिन भोजन करने के एक घंटे बाद पानी पीने की आदत डालनी चाहिए। इससे खांसी से बचाव के साथ पाचनशक्ति मजबूत होती है। खांसी का वेग नहीं रोकना चाहिए क्योंकि इससे विभिन्न रोग हो सकते हैं- दमा का रोग, हृदय रोग, हिचकी, अरुचि, नेत्र रोग आदि।

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