हिचकी रोकने के उपाय

हिचकी आना तो ऐसे आम बात है यह कभी भी काही भी आ सकती है,पर अगर आपको ये लगातार आए तो यह एक तरह की बीमारी है।हिचकी को अङ्ग्रेज़ी में hiccoughs भी कहते है। आपने तो अपने बुजुर्गो से तो सुना ही होगा हिचकी आ रही है तो कोई याद कर रहा होगा,पानी पी लो।पर हा हिचकी आने के बहुत से कारण हो सकते है। अगर आपकी हिचकी सामान्य उपायो के बाद भी न रुके तो डॉक्टर की राय लेना बेहतर होगा।कभी कभी हिचकी आपको बहुत परेशान भी करती होगी पर कई बार हिचकी रोक पाना काफी मुश्किल हो जाता है।हिचकी किसी को भी आ सकती है तो चाए वो आप हो बच्चे हो या बूढ़े।   

अब जाने हमे हिचकी क्यू आती है। हम अधिक मिर्च मसालेदार व्यंजन खाने के बाद या हड़बड़ी में खाना खाने के बाद अचानक ही हिचकी आने लगती है।अधिक पेय पढ़ार्थों का सेवन,ज्यादा खाना, किसी प्रकार की उत्साह या स्ट्रैस,स्मोकिंग करना,रूम के तापमान में अचानक बदलाव होना,ये कारण भी हो सकते है। हिचकी आने की मूल वजह खुराक के कणो का श्र्वसन नलिका में फ़स जाना होता है।हमारे शरीर मे पेट और छाती के बीच मे पारटिशन बनाने के लिए एक उदरपटल होता है। सांस लेते समय जब हम हवा खिचते है तब गुंबद के आकार का उदरपटल नीचे की ओर खींचता है जिससे छाती फूलती है और हवा के लिए जगह बनती है।बद्धहज़मी होने पर भी हिचकी आने लगती है। गुर्दो मे सूजन होने पर भी हिचकी आती है जुकाम ,टाइफाइड ,हेजा व उदर रोगो से भी हिचकी की उतपति होती है। लगातार हिचकी आने से सांस लेने मे बहुत कठिनाई होती है। निरंतर हिचकी से छोटे बच्चे रोने लगते है रोते रोते में हिचकी आने लगती है।

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हिचकी आने के कारण (Hichki kyu aati hain in hindi)

१) अन्नाज हिचकी:-गलत तरीके से खाना खाने से या पानी पीने से यह हिचकी आती है।
२) यमला हिचकी :-कुछ समय के अंतराल मे 2-2 बार हिचकी है इसे यमला हिचकी कहते है।

३) शुद्र हिचकी:-जो कंठ और हर्दई से शुरू होती है और समय के अंतराल मे धीमी धीमीह आती है उसे शूद्र हिचकी बोलते है।

४) गंभीर हिचकी:- ये हिचकी नाभि की जगह से शुरू होती है और शरीर मे दर्द करती है ऐसी हिचकी को गंभीर हिचकी कहते है।

५) महती हिचकी:-जो शरीर के सभी मुलायम जगह पर दर्द देती है उसे महती हिचकी कहते है।

ऐसे तो हिचकी आने पर हम हमेसा पानी पी लेते है। ये सही भी है और आसान तरीका भी है। लेकिन कभी कभी ये आसान उपाय करने के बाद भी हिचकी नहीं रुखती है। हिचकी रोकने के बहुत उपाय है जो आपके बहुत काम आ सकती है। कही भी कभी भी ।

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हिचकी रोकने के उपाय ( Hichki ke ilag remedies in Hindi) 

१) शक्कर से हिचकी बंद करने के उपाय(शुगर से हिचकी रोकना):-हिचकी आने पर थोरी चीनी लीजिये। इसे मखन के साथ भी खाया जा सकता है। चीनी डायाफ्राम की असहजता को दूर करके हिचकी बंद कर देती है।

२) सांस से हिचकी बंद करना :-अगर आप हिचकी से परेशान है तो थोड़े देर के लिए अपनी सांस रोक ले जिससे आपके मस्तिष्क में oxygen नहीं जाएगा और हिचकी रुख जाएगी।  यह बहुत ही हल्का और सही तरीका है हिचकी को रोकने के लिए।

३) खटाई खाने से हिचकी का रुकना:-खट्टी चीजे जैसे नींबू,सिरका इत्यादि हिचकिया रोक देती है। ये श्र्व्स्न को रोक देती है जिससे डायाफ्राम नस्ट हो जाता हइ और हिचकिया रुक जाती है।

४) हिचकी को रोकने के लिए चौंकाना :- जब भी कोई व्यक्ति को हिचकी आने लगे तो उसे डरा या चोंका दे या फिर से उसका ध्यान किसी और चीज में कर दे जिससे हिचकी रुक जाएगी।  

५) पानी पीने से हिचकी रोकना:-पानी पीने से डायाफ्राम अपने निश्चित स्थान पर पहुच जाता है और हिचकीया रुक जाएगी।जब भी हिचकी आए पानी धीरे धीरे पिये अगर हल्की हिचकी होगी तो तुरंत हिचकी रुक जाएगी।

६) मुली से हिचकी रोकना:-जब भी हिचकी आए तो मुली के 4 हरे और ताज़े पत्ते खा ले, थोड़ी देर में हिचकी बंद हो जाएगी।

७) प्याज से हिचकी बंद करना:- प्याज को काट के धो ले फिर इसमे नमक डालकर खा ले हिचकी आना बंद होने लगेगी।

८) हिचकी को रोकने के लिए हिंग :- अगर किसी व्यक्ति को बहुत हिचकी आ रही हो तो हिंग को गुड या केले में मिलाकर खिलाये,हिचकी रुक जाएगी।

९) तुलसी के पत्तों से रोके:-१२ ग्राम तुलसी के पत्तों का रस बनाकर ६ ग्राम शहद के साथ लेने से हिचकी रुक जाती है।

१०) सोठ से हिचक को रोकना :- किसी को हिचकी बहुत आरही हो और वो काफी परेशान हो तो पिसा हुआ सोंठ को दूध में उबालकर पिये। इससे हिचकी रुक जाएगी।

११) पुदीना से हिचकी को रोकना :- अगर किसी व्यक्ति को बहुत ही देर से तेज हिचकी आ रही हो तो उसे पुदीना का पत्ता शक्कर के साथ दे या फिर सिर्फ पत्ते को चूसने दे जिससे  हिचकी में आराम मिलेगा।

१२)लोगो की नजरों से दूर हो जाये:-अगर आप हिचकी को रोकना चाहते है तो कही छिप जाए। इस समय अपनी उगलियों के द्वारा अपने कान अच्छी तरह से बंद कर ले। आप अपने कान पीछे के हिस्से जो की खोपड़ी के ठीक नीचे रेहता है।को दबा भी सकते है।इससे आपको कुछ देर में शांति मिलेगी।

१३) हिचकी आए तो जीभ निकाले :- अगर किसी को हिचकी आए तो आप अपनी जीभ को थोड़ी देर बाहर निकलकर रखे जिससे हिचकी रुक जाएगा।

१४)अदरक से भगाये हिचकी :-ताज़ा अदरक ले और छोटे छोटे टुकड़ो को लेकर चूसे ।नयी और कितनी भी पुरानी हिचकी हो रुक जाएगी।  

१५)राई से पाये हिचकी से छुटकारा:-चाहे कैसी भी हिचकी हो यह राई का घरेलू नुसके हिचकी बंद कर देगा-१० ग्राम राई मे २५० ग्राम पानी ले और अच्छे से उबालकर छान ले गुनगुना पानी में रहने पर पिलाने से हिचकी बंद होजाएगी।

१६)काली मिर्च से इलाज:- ५ कालीमिर्च को अच्छे से जलाकर पीस ले और फिर उसे थोड़े थोड़े देर पर सूंघे जिससे हिचकी रुक जाती है ।

१७)नमक से करे :- सेंधा नमक,काला नमक और रोजाना प्रयोग में आपके आने वाला नमक इन सबको बराबर मात्रा मे लेकर पीस ले फिर आधा चमच्च गरम पानी के साथ ले। हिचकी बंद होजाएगी।

१८)ईलाईची से भगाये हिचकी:- 400ml पानी में 3 से 4 इलाईची को अच्छे से उबाले और फिर छान कर सारे पानी को पीने से हिचकी रुक जाएगी।

१९)चॉक्लेट पाउडर :-जब भी आपको हिचकी आए तो १ चमच्च चॉक्लेट पाउडर खा ले,हिचकी रुक जाएगी।

२०)नमक पानी:-जबभी हिचकी आए तो थोरे से नमक को पानी में मिलकर पी ले हिचकी रुक जाएगी।

२१)उल्टी गिनती:- जानकारो के मुताबिक उल्टी गिनती करने से और अचानक उस व्यक्ति को दराने से सामान्य हिचकी ठीक हो जाती है,उल्टी गिनती का मतलब है १०० से १ की तरफ है।

२२)टमाटर:- हिचकी आने पे तुरंत टमाटर धो केआर खाने से हिचकी ठीक हो जाएगी पर टमाटर को दातों से काट केआर खाये।

२३)उड़द दाल से हिचकी का उपाय:-साबुत उड़द दाल जलते हुए कोयले पर डाले,फिर इसका धुया सूंघे हिचकी बंद होजाएगी।

२४)देसी घी का उपयोग:-देशी घी को थोड़ा थोड़ा कर के पी  लेने से भी हिचकी रुक जाती है।

२५)गन्ना (सुगरकने जूस):-गन्ने यानि sugarcane का रस पीने से भी हिचकी भाग जाती है।

२६)हथेली को अंगूठे से दबाना:-जबभी आपको हिचकी आरही हो तो अपनी दाई हथेली को बाई हथेली के अंगूठे से दबाये और यही काम दूसरी हथेली से भी करे। आप अपने बाए अंगूठे की गोलाई को भी दबा सकते है। इससे भी हिचकी रुक जाएगी क्यू की इससे आपका ध्यान भटकेगा और आपकी हिचकी गायब हो जाएगी।

२७) पेपर बेग में सांस ले:-हिचकी दूर करने के लिए ये टेसटेड तरीका अपनाए,कागज के बाग में मुह डालकर सांस ले,इससे आपके बॉडी में कार्बनडाईऑक्साइड की मात्रा बढ़ेगी जिसके फल स्वरूप पेट जल्दी जल्दी सांस लेने लगता है और हिचकी बंद हो जाती है।लेकिन हार्ट और स्ट्रोक वाले पेशंट इस उपचार को न करे।

२८)मूँगफली का मखन :-यह उपचार भी प्राचीन काल से हिचकी दूर करने के लिए किया जाता है क्यूकी peanut butter की sticky और consistency सांस को सही से लेने में मदद करती है जिससे आपकी हिचकी बंद हो जाती है,१ चमच्च पेयनूट बट्टर को मुह में डाले थोरै देर तक रखे रहे फिर बिना चिबाए निगल ले। आपकी हिचकी गायब हो जाएगी।

२९)उल्टा होकर पानी पीना:- ऐसे तो पानी पीने से हिचकी रुक जाती है पर उल्टा होकर पानी पीने से ज्यादा फायदा मिलेगा।

३०)शहद :-शहद में थोड़ा प्याज का रस मिलकर चाटने से भी हिचकी भाग जाती है।सिर्फ शहद चाटने से मामूली हिचकी दूर होती है।सोंठ,पीपल,आवला और मिश्री को मिलाकर फीस कर शहद के साथ चाटे हिचकी दूर होजाएगी।   

इसके अलावा भी बहुत से घरेलू उपाय है जिससे हिचकी रोकने मे मदद मिलती है जैसे:-

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घरेलू उपाय हिचकी रोकने के लिए (Gharelu nuskhe hichki rohkne ke liye in hindi) 

#1. चन्दन :-चन्दन को किसी महिला के दूध मे मिलाकर सूंघने से हिचकी बंद हो जाती है।

#2. शहद :-शहद में थोड़ा प्याज का रस मिलकर चाटने से भी हिचकी भाग जाती है।सिर्फ शहद चाटने से मामूली हिचकी दूर होती है।सोंठ,पीपल,आवला और मिश्री को मिलाकर फीस कर शहद के साथ चाटे हिचकी दूर होजाएगी।   

#3. कलोंजी :-३ ग्राम कलौंजी पीसकर मखन मिलाकर सेवन करने से हिचकी बंद हो जाती है।

#4. मोर के पंख :-मोर के पंखो के ऊपरी भाग को काटकर किसी मिट्टि के पात्र मे रखकर,आग पर गरम करके चूर्ण बना ले फिर उसमे मधु मिलाकर पिये।

#5. नींबू:-नींबू का रस १ चमच्च शहद केऔर काला नमक मिला कर पीने से हिचकी बंद हो जाती है।

यह सब में से आप कोई भी नुसका आजमाए वो जरूर काम करेगा। अगर इतना करने के बाद भी आपकी हिचकी बंद नहीं हुई तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी होगी।

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