Moong Dal Ki Kachori Recipe In Hindi

 मूंग दाल की कचोरी उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध नाश्ता है जिसे आलू की सब्जी के साथ सर्व किया जाता है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में इसे दही, धनिये की चटनी एवं इमली की चटनी के साथ प्याज़ से गार्निश कर खाना पसंद किया जाता है और कई जगह इसे प्लेन या फिर टमाटर सॉस के साथ खाना भी पसंद किया जाता है।

मुंह में पानी ला देने के लिए कचोरी इसका नाम ही काफी है। ब्रेकफास्ट मेन्यू में कुछ नया करने के लिए मूंग दाल कचौरी रेसिपी को एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है साथ ही यह शाम की चाय के साथ सर्व होने वाले स्नैक के रूप में भी पसंद की जाती है। मूंग दाल की कचोरी  टिकाऊ होती हैं। आप इन मूंग दाल कचौरीयों को २-३ दिन आसानी से एयर टाइट डिब्बे में स्टोर करके रख सकते हैं।

  मूंग दाल की कचोरी की सामग्री – Ingredients for Moongdal Kachori in Hindi

आटा गूथने के लिये

  • मैदा(Maida) – २५० ग्राम
  • तेल(Oil) – १/४ कप
  • नमक(Salt) – १/२ टीस्पून

मसाला बनाने के लिये

  • मूंग दाल(Moong dal) – १/२ कप (२ घंटे पानी में भीगी हुई)
  • हरा धनियां (Coriander leaves) – २ टेबल स्पून, बारीक कटा हुआ
  • हरी मिर्च(Green pepper) – २ बारीक कटी हुई
  • धनियां पाउडर (Coriander pow)- १ टीस्पून
  • सोंफ पाउडर(Fennel) – १ टीस्पून
  • लालमिर्च (Red pepper)- १/४ टीस्पून
  • हींग( Asafetida) – १ पिंच
  • अदरक(Ginger) – १ इंच अदरक को कद्दूकस करके ले लीजिये)
  • नमक (Salt)- स्वादानुसार
  • गरम मसाला(Garam masala) – १/४ टीस्पून
  • जीरा(Cumin pow) – १/२ टीस्पून

मूंग दाल की कचौरी की विधि – How to make Moong Dal Kachori

१) मैदा को किसी बड़े बर्तन में डाल ले , नमक और तेल मैदा में डालकर अच्छी तरह मिला ले, और थोड़ा थोड़ा पानी डालकर नरम चपाती के आटे जैसा आटा गूंथ कर तैयार कर ले।

२) आटे को ज्यादा मसल कर चिकना न करे। आटे को ढककर १५-२० मिनट के लिये अलग रख दे। आटा फूल कर सैट हो जायेगा। जब तक आटा सैट होता है तब तक हम मसाला(Stuffing)बनाकर तैयार कर लेते है।

मसाला(stuffing)

१) मूंग की भीगी हुई दाल को दरदरा पीस लीजिये, पैन गरम करे, पैन में ३-४ टेबल स्पून तेल डाल दे। तेल गरम होने पर, जीरा डाल दीजिये, जीरा भुनने पर हींग डालिये, हरी मिर्च, धनियां पाउडर, सोंफ पाउडर और मसाले को हल्का सा भून लीजिये।

२) पिसी हुई दाल डालिए,नमक, गरम मसाला, अदरक पाउडर और लाल मिर्च पाउडर भी डालकर मिला दीजिये, और दाल को लगातार चलाते हुये एकदम सूखने तक और अच्छी महक आने तक भूने ।  (अगर दाल कढाई में चिपक रही हो तो थोड़ा तेल और डाल दे।  भुनी दाल को प्लेट में निकाल लीजिये ताकि वह जल्दी से ठंडी हो जाय।

३) आटा सैट हो कर तैयार है, आटे से छोटे नीबू के आकार की लोई तोड़कर, गोल कर लीजिये। एक लोइ उठाइये और हाथ पर रखकर उसे उंगलियों की सहायता से बड़ा कर, टोकरी जैसा बना लीजिये। आटे की इस टोकरी में १ चम्मच दाल की मसाला डाल दीजिये और आटे को चारों ओर से उठाकर मसाला को अच्छी तरह बन्द कर दीजिये, सारी कचौरियां इसी तरह भरकर तैयार कर लीजिये।

४) कचौरियां तलने के लिये कढ़ाई में तेल डालकर गर्म कीजिये।  कचौरियां तलने के लिये तेल को मीडियम गर्म ही कीजिये और भरी हुई कचौरी को हाथ से या बेलन से हल्का दबाव देते हुये मोटी कचौरी बेल कर तैयार कर लीजिये, और कचौरी बेल कर मीडियम गरम तेल में डाल दीजिये, जितनी कचौरी एक बार कढ़ाई में आ जाय उतनी कचौरी कढ़ाई में डाल दीजिये।

५) कचौरियां जब फूल कर तैरने लगे और नीचे की ओर से थोड़ी सिक जाय तब उन्हैं पलट दीजिये, कचौरियों को पलट पलट कर गोल्डन ब्राउन होने तक तल लीजिये, गैस मीडियम और धीमी रखिये, तब ही कचौरियां खस्ता बनेंगी।  गोल्डन ब्राउन कचौरियों को प्लेट में लगे नैपकिन पर निकाल कर रख लीजिये।  सारी कचौरियां इसी तरह तल कर तैयार कर लीजिये।

६) मूंग की दाल की खस्ता कचौरियां तैयार है, कचौरियों को हरे धनिये की चटनी या मीठी चटनी के साथ परोसिये, कचौरियां इतनी स्वादिष्ट बनति है, इन्हैं बिना चटनी के ही खा सकते हैं।

सावधानियां

१) कचौरियों के लिये आटा नरम लगायें।

२) कचौरियों को तलते समय धीमी या मीडियम गैस पर तलें।  कचौरियां एकदम खस्ता और बहुत अच्छी बनकर तैयार होंगी।

३) कचौरियों को भरते समय मसाले को अच्छी तरह आटे से बन्द कीजिये।

४) कचौरियों को बेलते समय हल्के दबाव से बेले कचौरियां फटनी नहीं चाहिये।

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