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स्टार ऐनिज (Star Anise in Hindi) एक गहरे भूरे रंग का तारे समान दिखने वाला सूखा गरम मसाला होता है । इसे  चक्र फूल भी कहते है। जैसा इसका नाम है आकार भी वैसा ही है। यह कुछ लकड़ी जैसा, आकार सितारे जैसा और इसकी लंबाई लगभग १ इंच तक होती है और यह ८ से १० खंडो मे बंटा होता है, बिल्कुल एक सितारे की तरह।

बहुत सालों से इसे एशिया,यूरेसिया और चाइना के लोग खाने मे पसंद करते है। इसका उपयोग साउथ इंडियन व्यंजनों मे किया जाता है और चाइनीज डिशस तो इसके बिना अधूरी है।

स्टार ऐनिज मे एनएथोल नाम का एक रसायन होता है जिसके कारण इसका टैस्ट मुलेठी के जैसा लगता है,सिर्फ स्वाद ही मुलेठी जैसा नहीं है बल्कि गुण मे भी यह उसी के जैसा है, औषधीय गुणो से भरपूर। इसमे ऐसे तत्व पाये जाते है जो बैक्टीरिया,फंगस को मात दे सकता है। स्टार ऐनिज मे हल्की मात्र मे विटामिन बी पाया जाता है।

इसमे केल्शियम, फास्फोरस, विटामिन ए, विटामिन सी के साथ साथ बहुत तरह के मिनरल्स भी पाये जाते है।
यह हमे बहुत ही आसानी से किसी भी ग्रोसरी शॉप मे मिल जाता है,यह पाउडर और साबूत दोनों तरह से बाज़ार मे उपलब्ध है। अगर इसे स्टोर करके रखना हो तो किसी भी एयर टाइट डब्बे मे रख सकते है यह जल्दी खराब नहीं होता है।

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स्टार ऐनिज के फायदे (Benefits Of Star Anise In Hindi)

  • स्टार ऐनिज के तेल की मालिश करने से शरीर की ऐठन दूर होती है, जोड़ो का दर्द हो या आर्तिरटिस या कोई भी हड्डियों का दर्द दूर होता है।
  • सर्दी जुकाम से गले मे दर्द होता है और खांसी भी बहुत होती तो उस समय मे स्टार ऐनिज की चाय बहुत फायदेमंद होती है।

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  • जो महिला ब्रेस्ट फिडिंग करवाती है उनके लिए यह बहुत फ़ायदेमंद है|
  • इसके तेल मे एंटीसेप्टिक गुण पाये जाते है, जिससे घाव और चोट मे राहत मिलती है।
  • इसके उपयोग से बढ़ते उम्र की समस्या, चिंता, मोनोपोज की समस्या, ब्रोंकाइटिस और मधुमेह जेसी नसार बीमारियों को लड़ने मे ताक़त होती है|
  • इसकी खुशबू बहुत ही अच्छी होती है,जिससे मुंह की दुर्गंध भी कम होती है।
  • इसके तेल मे पाये जाने वाले तत्व थायमोल, टेरपीनिल और एनिथोल के कारण फ्लू जैसे बीमारी मे भी उपयोगी है।

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  • यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है और सूजन, गैस, अपच और कब्ज मे राहत मिलती है। बच्चों मे होने वाले पेट के दर्द को भी कम करता है।
  • इसका उपयोग पुलाव,बिरयानी बनाने मे खड़े मसाले के रूप मे किया जाता है। इसे बहुत तरह के सूप मे भी मिलाया जाता है। इसका उपयोग जैम बनाने मे भी किया जाता है।

इसके सेवन से हमे कोई भी नुकसान नहीं है पर हमे इसकी मात्रा को ध्यान मे रखना होता है।

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