Gandhak Rasayan benefits in hindi

गंधक एक संस्कृत नाम है,सल्फर को ही संस्कृत और हिन्दी मे गंधक कहा जाता है। गंधक मे से सडे हुए अंडे के जैसी गंध आती है,इसलिए इसको गंधक कहा जाता है। यह चार रंग का होता है-लाल,पीला,सफ़ेदऔर काला। इसमे पीले रंग का गंधक आंतरिक उपयोग के लिए,सफ़ेद रंग का गंधक बाहरी उपयोग के लिए है। लाल और काला गंधक उपलब्ध नहीं है।
आयुर्वेद मे सल्फर को बहुत प्रकार के रोगो को ठीक करने मे प्रयोग किया जाता है,यह मूत्रवर्धक है,यह पित्त को बढ़ाता है और त्वचा रोग,गठियाऔर बढ़े हुए प्लीहा आदि मे उपयोगी है।

गंधक रसायन एक तरह का रसायन है,आयुर्वेद मे वे जड़ी बूटी या औषधि जो दीर्घायु और जीवन शक्ति को बढ़ावा देती है उन्हे रसायन कहा जाता है। यह त्वचा रोगो के लिए बहुत ही उपयोगी दवा है। सल्फर आंतरिक और वाह्य दोनों तरह से त्वचा संबंधी रोगो को ठीक करने के लिए प्रयोग किया जाता है। कम मात्रा मे आंतरिक प्रयोग से यह त्वचा (झिल्ली) पर कार्य करता है।यह दवा गंधक को हर्बल रूप देकर बनायी जाती है जिससे यह त्वचा मे आसानी से अवशोषित हो जाता है।

गंधक रसायन की सामग्री इन हिन्दी (Ingredients Of Gandhak Rasayan In Hindi)

१) अलसी (Alsi)
२) इलायची (Elaychi)
३) दालचीनी (Twak)
४) गाय का दूध (Cow milk)
५) पत्रा (Patra)
६) आंवला (Amla)
७) गिलोय (guduchi)
८) अदरक (Sunthi)
९) नागकेसर (Nagakesara)
१०) भृंगराज (Bhringraja)
११) हरतकी (Haritaki)

गंधक रसायन के लाभ और फायदे इन हिन्दी (Benefits of Gandhak Rasayan In Hindi)

१) गंधक रसायन एक जीवाणुरोधी (antibacterial),और रोगाणुरोधी (antimicrobial) आयुर्वेदिक दवा है,यह अपने व्यापक एंटिबियोटिक गुण के कारण सभी प्रकार के संक्रमण मे लाभदायक है। यह एक उच्च रक्त्सोधक है,यह त्वचा के सभी प्रकार के विकारो को दूर करने मे मदद करता है।

२) शुरुवात मे गंधक रसायन को उपयोग मे लाने पर कुछ गंभीर लक्षण हो सकते है,लेकिन इससे घबराए नहीं बल्कि यह एक संकेत है की दवा अपना काम कर रही है। गंधक रसायन मे ऐसा गुण है की वह अवांछित विषाक्त पदार्थो को शरीर से बाहर निकालने मे मदद करता है। यह पित्त की खराबी मे विशेष रूप से उपयोगी है।

३) इसमे त्वचा की सूजन को दूर करने के गुण भी है।

४) गंधक रसायन के उपयोग से पुराने से पुराने / क्रोनिक त्वचा के रोगो को ठीक करने मे भी मदद मिलती है।

५) यह घावों को जल्दी भरने मे मदद करता है। यह दर्द मे भी राहत देता है।

६) यह पाचन को ठीक करता है,शरीर को शक्ति और पोषण देता है।

७) यह रंग को निखारता(Complexion fair)है।

८) यह शुक्राणु की कमी को भी ठीक करने के काम आता है।

९) गंधक रसायन मधुमेह,खुजली,बवासीर,गठिया और गाउट (Uric Acid)आदि के इलाज मे उपयोग किया जाता है।

गंधक रसायन के चिकत्सीय उपयोग (Uses Of Gandhak Rasayan in hindi)

१) पुराना बुखार
२) गठिया
३) नाड़ीव्रण
४) दाद-खाज खुजली,रूसी,फोड़े,फुंसी,एग्जीमा,मुहाँसे,
५) गैस विकार
६) खून साफ करने के लिए,
७) भगंदर
८) यौन रोग
९)यह एक रसायन है,जो जीवन शक्ति को बढ़ाती है,जिसके सेवन से स्मृति बढ़ती है।

गंधक रसायन सेवन करने का तरीका

इसे हम दिन मे दो बार १-३ गोली पानी के साथ ले सकते है।
इसे भोजन करने के बाद ही लेना चाहिए।
इस दवा का कोई भी साइड इफैक्ट नहीं है,इसे लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श ज़रूर ले ले।

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